गया, कमल नयन। वजीरगंज विधानसभा से इस बार 22 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर विधायक बने अवधेश कुमार सिंह इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे। उनके पुत्र डॉ. शशि शेखर को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। हालांकि भाजपा ने चेहरा नहीं बदला है। पुराने सिपाही पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह को फिर मुकाबले में खड़ा किया है। वे 2010 में भाजपा के विधायक रहे हैं। 2015 में चुनाव हार गए थे। इस बार भी उनका मुकाबला कांग्रेस से ही होगा। लेकिन पिता की जगह पुत्र उनसे लोहा लेगा। रालोसपा से श्रीधर प्रसाद व जाप से राजीव कुमार मैदान में हैं। कई अन्य दलों के अलावा निर्दलीय भी ताल ठोक रहे हैं। सभी प्रत्‍याशियों का भाग्‍य आज ईवीएम में बंद हो गया।

वजीरगंज में सिंचाई एक अहम मुद्दा है। तिलैया ढाढर बांध की मांग लंबे समय से होती आ रही है। इसके अलावा इस क्षेत्र में पुरातात्विक महत्व के कई स्थल हैं। इनमें से एक कुरखिहार को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग होती आ रही है। ऐसा होने से यहां पर्यटन का विकास होगा। लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।

नया-नवेला है यह विधानसभा क्षेत्र- नए परिसीमन के बाद 2008 में यह विधानसभा अपने वजूद में आया। इस विधानसभा सीट पर 2010 में पहला चुनाव हुआ था। उसमें भाजपा के वीरेंद्र सिंह निर्वाचित हुए थे। उन्होंने कांग्रेस के अवधेश सिंह को हराया था। लेकिन अगले चुनाव में उन्हें अवधेश सिंह से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। अवधेश कुमार सिंह को करीब 80 हजार, जबकि वीरेंद्र सिंह को करीब 67 हजार वोट मिले थे। गया नगर निगम के पांच वार्ड समेत मानपुर व वजीरगंज प्रखंड को मिलाकर इस विधानसभा का निर्माण किया गया है। कुल मिलाकर इस बार यहां तीसरा चुनाव होने जा रहा है। अब बारी मतदाताओं की है।

अब तक के विधायक

2010-वीरेंद्र प्रसाद भाजपा

2015 -अवधेश सिंह कांग्रेस

आंकड़े में वजीरगंज

कुल मतदाता 280347

पुरुष मतदाता: 147210

महिला मतदाता: 133136

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