राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को कहा कि महात्मा गांधी, जय प्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया, पंडित दीनदयाल ने जाति विहीन समाज और भ्रष्टाचार मुक्त राष्ट्र बनाने की बात कही थी, लेकिन आज अकूत संपत्ति बनाने वाले संविधान की बात करते हैं। उन्होंने मदरसा को लेकर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इसमें लगे पदाधिकारियों की भी जांच होनी चाहिए।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में लोगों की समस्या सुनने के बाद उन्होंने कहा कि आज लोग समाजवाद का चोला ओढ़कर संविधान की धज्जियां उड़ा रहे और संविधान बचाने की बात कर रहे हैं। संविधान के भाग तीन में भगवान राम, मां जानकी और लक्ष्मण की तस्वीर है और उनके नेता रामचरितमानस पर प्रश्न उठाकर करोड़ों हिंदुओं की भावना के साथ खेल रहे। ऐसे बयानवीरों पर कार्रवाई तक नहीं की गई।

सिन्हा ने कहा आज सवर्णों को गाली देकर महाराणा प्रताप का स्वाभिमान दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने महागठबंधन के नेताओं को अति पिछड़े के नाम पर नौटंकी बंद करने की नसीहत देते हुए कहा कि नौटंकी नहीं हो रही है तो अति पिछड़े को मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री बना दें। उन्होंने मदरसा पर पटना हाई कोर्ट के राज्य के 2459 अनुदानित मदरसों की जांच के आदेश पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि इसमें लिप्त अधिकारियों की भी जांच होनी चाहिए।

बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा केंद्र : जदयू

उधर, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। लगातार सातवें वर्ष गणतंत्र दिवस पर निकलने वाली झांकियों में बिहार की झांकी को नहीं दिखाया गया। यह भाजपा के बिहार विरोधी रवैये का एक प्रमाण है।

उमेश कुशवाहा ने कहा कि लाल किले के सामने राजपथ पर निकलने वाली झांकी को पूरी दुनिया देखती है। इन झांकियों से राज्यों की कला, संस्कृति और विकास को जानने-समझने का अवसर देश और दुनिया को मिलता है। भाजपा के नेता सिर्फ बड़ी-बड़ी बात करते हैं पर उनका सारा काम गणतंत्र की जननी बिहार के विरुद्ध होता है।

विजय सिन्हा की टिप्पणी पर मुख्य सचिव के पक्ष में उतरे शिवानंद

इधर, राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा है कि राज्य के मुख्य सचिव के प्रति विपक्ष के नेता विजय कुमार सिंह की टिप्पणी उनके पद के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता ने पद की गरिमा के विपरीत बहुत ही चलताऊ ढंग से आरोप लगाया है। वह भी सिर्फ इसलिए कि मुख्य सचिव मुसलमान हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव के पद पर बैठे हुए व्यक्ति की सीमा होती है। वह विरोधी दल के नेता के स्तर पर उतरकर जवाब नहीं दे सकते हैं। मालूम हो कि विपक्ष के नेता ने सिवान में जहरीली शराब से हुई मौत के लिए मुख्य सचिव की आलोचना की थी।

तिवारी ने कहा कि नीतीश कुमार के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी ने लंबे समय तक सरकार चलाई है। इस दौरान मौजूदा मुख्य सचिव कई पदों पर पदस्थापित रहे हैं। गृह सचिव के रूप में उनकी पदस्थापन तो एक रिकॉर्ड है। लेकिन आज तक किसी ने भी उन पर भ्रष्टाचार या सांप्रदायिक नजरिए से पद के दुरुपयोग का आरोप नहीं लगाया है।

उन्होंने कहा कि बिहार में भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व करने वाली पीढ़ी बदल गई है। पुराने लोगों के स्थान पर नए लोगों को नेतृत्व की जवाबदेही मिली है। सब अपने को साबित करने में लगे हुए हैं।

Edited By: Yogesh Sahu

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