विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फरक्का पर लालू के बयान के पीछे क्या है राज? विजय चौधरी ने 1996 का 'सच' याद दिलाया

Published: Mon, 24 Aug 2026 03:42 PM (IST)

उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने फरक्का बराज पर लालू यादव के बयान को भ्रामक बताया और 1996 के समझौते का ...और पढ़ें

HighLights

  1. विजय चौधरी ने लालू के फरक्का बयान को भ्रामक बताया।

  2. 1996 के फरक्का समझौते में बिहार के हित अनदेखे।

  3. नीतीश कुमार ने बराज पुनरीक्षण की मांग की।

राज्य ब्यूरो, पटना। उप मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने फरक्का बराज के संबंध में राजद प्रमुख लालू यादव के बयान को भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है।

जल संसाधन विभाग में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पूरा बिहार फरक्का समझौते की वास्तविकता जानता है।

1996 के फरक्का समझौते का जिक्र कर लालू के कार्यकाल पर उठाए सवाल

विजय चौधरी ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच फरक्का संधि दिसंबर 1996 में हुई थी। उस समय लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे। वहीं, केंद्र में एचडी देवेगौड़ा की सरकार थी, जिसमें राजद भी शामिल था।

‘बिहार के हितों की अनदेखी हुई’, उप मुख्यमंत्री ने लगाया बड़ा आरोप

उप मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लालू यादव के कार्यकाल में बिहार के हितों की अनदेखी कर यह समझौता किया गया। उन्होंने कहा कि अब अपनी उस समय की नाकामी छिपाने के लिए लालू यादव अनर्गल और भ्रामक बातें कर रहे हैं।

फरक्का बराज पर नीतीश कुमार पहले से उठाते रहे हैं सवाल

विजय चौधरी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुरू से ही इस समझौते को बिहार के हितों के प्रतिकूल बताते हुए इसके पुनरीक्षण की मांग करते रहे हैं। उन्होंने फरक्का बराज के कारण बिहार के क्षेत्रों में बढ़ रही गाद की समस्या का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया था।

गाद की समस्या से लेकर फायदे-नुकसान तक, नए सिरे से आकलन की मांग

उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार ने बराज से होने वाले फायदे और नुकसान का नए सिरे से आकलन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था। उनका मानना रहा है कि बिहार पर पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखते हुए समझौते की समीक्षा की जानी चाहिए।

फरक्का समझौते के नवीकरण से पहले बिहार की चिंताओं पर केंद्र से बड़ी मांग

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल के अंत में फरक्का समझौते के नवीकरण पर चर्चा होनी है। ऐसे में बिहार सरकार ने नीतीश कुमार की सोच के अनुरूप बिहार की चिंताओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने की मांग केंद्र सरकार से की है।

यह भी पढ़ें- फरक्का बराज पर लालू का बड़ा दावा, बोले- नीतीश संसद में कभी नहीं बोले; बिहार के हितों के लिए हम रहे मुखर