पटना, राज्य ब्यूरो। काली कमाई के मकड़जाल में फंसे इंजीनियर रविंद्र कुमार की कुंडली खंगालने में निगरानी ब्‍यूरो के अधिकारी जुट गए हैं। निगरानी की टीम ने 13 अगस्त को रविंद्र कुमार के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी में 2.83 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति बरामद की थी। उनके आवास से 1.43 करोड़ रुपये नकद मिले थे। पुल निर्माण निगम में तैनात इंजीनियर के ठिकानों पर शुक्रवार को हुई छापेमारी के दौरान निगरानी ब्यूरो को संपत्ति में निवेश के काफी दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों की जांच का काम शुरू हो गया है। इससे पहले निगरानी ने इनके डेढ़ दर्जन बैंक खाते फ्रिज करा दिए हैं। इन बैंक खातों में करीब 52 लाख रुपये हैं।

एक एकड़ जमीन है फुलवारीशरीफ में

बैंक खातों और चल-अचल संपत्ति संबंधित दस्तावेज के आधार पर अब आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शनिवार की जांच में आठ प्लाट में एक एकड़ जमीन फुलवारीशरीफ इलाके में मिलने की पुष्टि हुई है। रविंद्र दो वर्ष पहले से निगरानी की निशाने पर थे। उधर, रविंद्र कुमार पर निगरानी की कार्रवाई के बाद निलंबन की तलवार लटकने के साथ ही विभागीय कार्रवाई की गाज गिरना भी तय माना जा रहा है। रविंद्र कुमार पुल निर्माण निगम में आने से पहले पथ निर्माण विभाग के वैशाली पथ प्रमंडल में बतौर कार्यपालक अभियंता तैनात थे। इस वर्ष 22 जून को इनकी सेवा कार्यपालक अभियंता समकक्ष पद पर पदस्थापन के लिए बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन को सौंपी गई थी।

67 लाख रुपए कीमत के मिले थे आभूषण

अभी तक निगरानी की कार्रवाई में 1.43 करोड़ रुपये नकद के अलावा 20 लाख रुपये के फिक्स डिपाजिट के कागजात, 67 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण तथा विभिन्न बैंकों के करीब 15 पासबुक बरामद किए गए थे। निगरानी को आशंका है कि बरामद कागजातों की जांच से और अधिक संपत्ति अर्जित करने की जानकारी मिल सकती है।