पटना सिटी। खाजेकलां थाना पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले गिरोह के गिरफ्तार सदस्यों ने बताया कि यूट्यूब पर हाऊ टू मेक फेक मनी का वीडियो छह माह तक देखने और तकनीक सीखने के बाद नकली नोट छापने में कामयाबी मिली। पुलिस ने दोनों आरोपितों को पूछताछ के बाद प्राथमिकी दर्ज कर सोमवार को जेल भेज दिया। गिरफ्तार आरोपितों ने कई चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा किया है। आरोपित के घर से पुलिस ने रविवार को नकली नोट बनाने वाले स्कैनर सह प्रिटर, नौ मोबाइल, दो खाली मैगजीन, 7.65 एमएम की एक गोली व 20 से 200 रुपये के छापे गए 77 नकली नोट बरामद किया था। गिरोह के तीसरे फरार साथी मो. जिशान उर्फ मैक्स की खोज में पुलिस छापेमारी कर रही है। आíथक अपराध इकाई तथा विशेष शाखा की पुलिस ने भी सोमवार को खाजेकलां थाना पहुंचकर नकली नोट बनाने वालों से पूछताछ की।

नोट छापने की सामग्री ऑनलाइन खरीदा

गिरफ्तार आरोपित मो. आमिन ने पुलिस के समक्ष बताया है कि कम समय में अधिक रुपये कमाने की चाह में उसके भाई सैयद जिशान उर्फ मैक्स व दोस्त आमिर खान ने यूट्यूब से नकली नोट बनाने का तरीका सीखा। लगभग छह माह तक इंटरनेट पर हाऊ टू मेक फेक मनी जैसे वीडियो को देखता रहा। दोस्त आमिर खान ने नोट बनाने की विधि जानकर प्रिटर, पेपर, कटर सहित अन्य उपकरण ऑन लाइन खरीदा। इसके बाद वह भाई की सहमति से कमरे में 20, 50, 100 व 200 रुपये के नोट स्कैनर से स्कैन कर छापना शुरू किया। शुरू में तीन-चार बंडल नोट इंकजेट व लेजर प्रिट में प्रयोग होने वाले 85 जीएसएम के ए-4 साइज के 500 सीट रॉयल एक्सक्यूटिव बांड पेपर पर छापा। दोनों ओर सही ढंग से नोट नहीं रखे जाने तथा कटिग ठीक से नहीं होने के कारण पेपर बर्बाद हुआ। एक बार तो लगा कि काम नहीं होगा।

ट्रायल में 100 का नोट चला तो बढ़ा मनोबल

तीन माह पूर्व सौ का नकली नोट छाप कर आमिर ने बाजार में चलाने का ट्रायल किया। शाम होने की वजह से दुकानदार ने नकली नोट लेकर सामान दे दिया। आमिर को लगा कि पांच सौ व दो हजार का नोट दुकानदार चेक करता है। उसे लगा कि 20, 50 व सौ रुपये का नोट बाजार में खपाना काफी आसान है। इसलिए उसने कम राशि का नोट छापना शुरू किया। शाम ढलने पर नकली नोट से नियमित खरीदारी करने लगा। जिस दुकान में एक बार नोट खपाता था वहां दूसरे दिन नहीं जाता था। बाद में गिरोह से जुड़े सदस्य 200, 100, 50 व 20 के असली नोट के बंडल के बीच दो-दो, तीन-तीन नोट को रखकर खपाने लगे। असली के बंडल में खपाए जाने वाले इन नकली नोट को सरसरी निगाह से पहचानना मुश्किल होता था।

एचपी कंपनी के स्कैनर सह प्रिटर से होती थी छपाई

पूर्वी एसपी के अनुसार नकली नोट छापने वाले गिरोह ने एचपी कंपनी का डेस्कजेट 2132 ऑनलाइन लगभग चार हजार रुपये में खरीदा था। स्कैनर सह प्रिटर पर इसके निर्माण का वर्ष जनवरी 2018 अंकित है। उसके सीरियल नंबर सीएन 81ए 47595 की जांच पुलिस कर रही है। गिरफ्तार आमिर ने बताया कि नोट छापने के लिए वह बिल्ट कंपनी का 8 जीएसएम वाला ए-4 साइज का कागज प्रयोग करता था। 100 सीट की कीमत 110 रुपये होती थी। पुलिस ने वर्ष 2018 के अक्टूबर माह में निíमत कागज का सीट बरामद किया है। प्रिटर में काला, पीला, गुलाबी व नीला कलर डालता था। जिससे नोट का रंग लगभग हुबहू मिल जाता था। - नौ मोबाइल नंबरों की होगी जांच, फरार मैक्स की खोज जारी

पूर्वी एसपी ने बताया कि नकली नोट छापने वाले गिरोह के घर से मिले नौ मोबाइल नंबरों की जांच से कई खुलासा हो सकता है। जांच में आए संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पड़ताल की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस के अनुसार सैयद जिशान उर्फ मैक्स के खिलाफ वर्ष 2016 के 27 अगस्त को लूट का मामला 219 दर्ज हुआ था। उस कांड में वह चार्जशीटेड है। इसके अलावा एक अन्य आपराधिक मामले में भी उसकी खोज जारी है। -लुटेरे को खोजने गई टीम ने किया नकली नोट बनाने का भंडाफोड़

पूर्वी एसपी जीतेंद्र कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि दुरूखी गली स्थित चोआलाल लेन में सैयद जिशान उर्फ मैक्स अन्य अपराधियों के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बनाने में जुटा है। एसपी के आदेश पर दारोगा श्रीकांत कुमार मैक्स के घर ऊपरी तल्ला पर पहुंचे। वहां पर मैक्स का भाई मो. आमीन मिला। इसी बीच नीचे से दो महिला आई जिसने खुद को मैक्स की बहन व मां बताई। पुलिस ने कमरे से स्कैनर, एचपी कंपनी का प्रिटर, विभिन्न कंपनियों के नौ मोबाइल, दो खाली मैगजीन, 7.65 एमएम की एक गोली, 100 का कागज पर छपा 63, 50 का कागज पर छपा 10 नोट, 200 का कागज पर छपा चार नोटत था 20 का कागज पर अ‌र्द्धनिíमत नोट बरामद किया। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार युवक एक लाख से अधिक का नकली नोट निर्माण कर चुका है।

Posted By: Jagran

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