पटना, जेएनएन। पटना विश्वविद्यालय केंद्रीय पुस्तकालय का शताब्दी वर्ष मुख्य समारोह चार अगस्त को व्हीलर सीनेट हॉल में मनाया जाएगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कार्यक्रम में शामिल होने की स्वीकृति दे दी है। उपराष्ट्रपति कार्यालय से उनका मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम पीयू प्रबंधन को मिल चुका है।

मंच पर उपराष्ट्रपति के साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री सह स्थानीय सांसद रविशंकर प्रसाद, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, कुलपति प्रो. रास बिहारी प्रसाद सिंह, प्रो-वीसी प्रो. डॉली सिन्हा तथा चीफ पोस्ट मास्टर जनरल एमई हक मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण होगा। सूचना व प्रसारण मंत्रालय टीम मौजूद रहेगी।

प्रवेश पत्र पर ही मिलेगा प्रवेश

पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. रवींद्र कुमार ने बताया कि कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए कई स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। व्हीलर सीनेट हॉल में स्पेस कम होने के कारण कुछ चिह्नित छात्र-छात्राओं को ही प्रवेश मिल सकेगा। लेकिन, इस यादगार पल के सभी साक्षी बनें, इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था कराई जाएगी। हॉल में बगैर प्रवेश पत्र के किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। फोटोयुक्त पहचान पत्र भी रखना अनिवार्य है। छात्र-छात्राओं को सुबह 10:00 बजे तक अपनी सीट ले लेनी होगी।

कैंपस में एक घंटे रहेंगे उपराष्ट्रपति

सूत्रों के अनुसार उपराष्ट्रपति का आगमन पीयू कैंपस में लगभग 11:00 बजे होगा। लाइब्रेरी में दुर्लभ पांडुलिपि, पुस्तक व पुरातत्व सामग्री के अवलोकन के बाद व्हीलर सीनेट हॉल पहुंचेंगे। लगभग एक घंटे कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। उपराष्ट्रपति के साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री छात्र-छात्राओं को संबोधित करेंगे। अतिथियों का स्वागत कुलपति और धन्यवाद ज्ञापन प्रो-वीसी करेंगी।

केंद्रीय लाइब्रेरी पर जारी होगा डाक टिकट

पीयू केंद्रीय लाइब्रेरी के सौ वर्ष पूरा होने पर डाक टिकट जारी किया जाएगा। डाक टिकट के साथ-साथ अतिथि शताब्दी वर्ष स्मारिका का भी विमोचन करेंगे। स्मारिका में पटना विवि की लाइब्रेरी का इतिहास सहित कई आलेख होगा। छात्र-छात्राओं को बैठने के लिए कई वर्ष बाद व्हीलर सीनेट हॉल की गैलरी को भी दुरुस्त कराया जा रहा है।

शिक्षा विभाग ने उपलब्ध कराए 1.6 करोड़ रुपये

लाइब्रेरी के शताब्दी वर्ष समारोह, पुस्तक तथा अन्य कार्यों को संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 1.6 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। कई लाख की पुस्तकें मंगाई जाएंगी। पहले चरण में वरीय शिक्षकों, विभागाध्यक्ष और छात्रों द्वारा अनुशंसित स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्स की पुस्तकें मंगाई गई हैं। पुस्तकालयाध्यक्ष ने बताया कि छात्रों की सुविधा के लिए कई चरण में पुस्तकें मंगाई जाएंगी। दुर्लभ पांडुलिपि, पुस्तक और अन्य समान को संरक्षित करने की व्यापक व्यवस्था की जाएगी।

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Posted By: Akshay Pandey

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