पटना/सिवान, जागरण टीम। महंगाई इस समय आम आदमी पर चौतरफा वार कर रही है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के साथ ही अब सब्जियों के दाम बढ़ने लगे हैं। सभी हरी सब्जियों की कीमत में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण मध्यम वर्गीय लोगों की थाली से सब्जी गायब होने लगी है। सब्जियों के दामों में आई तेजी ने रसोई की बजट बिगाड़ कर रख दी है। हाल ऐसा है कि अब कई सब्जियां आम आदमी के पहुंच से बाहर हो चुकी हैं, तो कई बाहर होने के कगार पर हैं। दामों में इतनी तेजी है कि आम आदमी काफी चिंतित हैं। बाजार में नया आलू 40 रुपये, परवल 60 रुपये, टमाटर 60 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं। वहीं प्याज का मूल्य 20 से बढ़कर 45 रुपये किलो हो गया है, जो आम आदमी व गृहणियों को महंगाई के आंसू रुला रहा है। इसी प्रकार दूसरी हरी सब्जियों के भी दाम बढ़ गए हैं। इस कारण सब्जी खरीदने के लिए लोगों को जेब काफी ढीली करनी पड़ रही है।

सिवान की मंडी में ग्राहकों की कमी

सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी के कारण ग्राहकों की संख्या कम हो चुकी है। परिस्थिति तो यह बन गई है कि कई लोग नाम मात्र की सब्जी खरीदकर काम चला रहे हैं। सब्जी विक्रेता दिलीप कुमार, किशुन प्रसाद व छोटेलाल का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में घोषित लाकडाउन के कारण सब्जी पर बहुत असर पड़ा था। सब्जी विभिन्न कारणों से खराब भी बहुत हुई थी। मौजूदा समय में रेट में तेजी आई है। बरसाती मौसम होने के कारण इन दिनों बाहर से सब्जियां कम आ रही हैं। इस कारण आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम में और भी बढ़ोतरी की संभावना है। लोग भी मंडी में इन दिनों कम पहुंच रहे हैं।

एक नजर में सब्जी की कीमत : (प्रति किलो)

  • आलू - 30 से 40 रुपये
  • प्याज - 40 से 45 रुपये
  • नेनुआ - 40 से 45 रुपये
  • भिंडी - 55 से 60 रुपये
  • परवल - 60 से 70 रुपये
  • कद्दू - 35 से 40 रुपये
  • करेला - 40 से 45 रुपये
  • टमाटर - 55 से 60 रुपये
  • हरी मिर्च - 80 से 100 रुपये
  • फूल गोभी - 90 से 100 रुपये
  • बंद गोभी - 40 से 45 रुपये
  • कच्चा केला - 40 रुपये दर्जन
  • शिमला मिर्च - 140 से 150 रुपये

Edited By: Shubh Narayan Pathak