पटना। राजधानी में पिछले महीने दो बाइक और एक कार के माध्यम से अपहरण की वारदात होने के बाद अब पुलिस एक्शन में आ गई है। डीआइजी ने शहर के तीनों सिटी एसपी व डीएसपी से लेकर थानेदारों के पेंच कसे और चेकिंग बढ़ाने का निर्देश दिया है। मंगलवार को इसका असर दानापुर से पटना सिटी तक देखा गया। डीआइजी के निर्देश पर 60 स्थानों पर चेकिंग प्वाइंट बना पुलिस ने चौपहिया से लेकर दोपहिया संदिग्ध वाहनों की ताबड़तोड़ चेकिंग की। चार थाना क्षेत्रों से पुलिस ने शराब और साढ़े आठ लाख रुपये नकद के साथ आधा दर्जन लोगों की गिरफ्तारी की। डीआइजी ने बेहतर कार्य के लिए जक्कनपुर, कोतवाली, दीघा और बेउर को दो-दो हजार रुपये का इनाम और प्रशस्ति पत्र देकर मनोबल बढ़ाया। इसके साथ खुद डीआइजी ने पांच घंटे तक सड़क पर उतर कर करीब 500 वाहनों की चेकिंग कराई।

कारगिल चौक : दिन के 11 बज रहे थे। चेकिंग प्वाइंट पर पुलिस मौजूद थी। इस बीच पुलिस ने करीब 20 वाहनों को चेक कर लिया था, तभी डीआइजी भी पहुंच गए। उन्होंने चेकिंग प्वाइंट पर खड़े होकर पुलिस की चेकिंग और पदाधिकारियों की कार्यशैली का निरीक्षण किया। इस दौरान डीआइजी ने गांधी मैदान थाने के प्रभारी की सुस्ती पर फटकार भी लगाई।

डाकबंगला चौराहा : दिन के करीब 11:30 बज रहे थे। चेकिंग प्वाइंट पर दो जवान और एक पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे। यहां भी डीआइजी पहुंच गए। डीआइजी ने खुद 30 से अधिक चौपहिया वाहनों को रोकने का निर्देश दिया और पुलिस से सघन तलाशी कराई, पेपर चेक कराया, फिर एक दर्जन कारों के शीशे से काली फिल्म उतरवा कर चालान कटाया। हालांकि पहले दिन कड़ी चेतावनी देकर वाहनों को छोड़ दिया गया।

राजापुर पुल : दोपहर के एक बज रहे थे। चेकिंग प्वाइंट पर दो जवान और एक पुलिस पदाधिकारी वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। चर्चा थी कि अचानक वाहन चेकिंग क्यों? इसी बीच डीआइजी पहुंच गए। करीब डेढ़ घंटे तक चेकिंग प्वाइंट पर खड़े रहे। इसी दौरान पुलिस पेट्रोलिंग की गाड़ी भी पहुंच गई। डीआइजी ने गाड़ी में रखे रजिस्टर चेक किए, जिस पर थाना प्रभारी के हस्ताक्षर थे।

हर चेकिंग प्वाइंट पर डीआइजी की नजर

'सुरक्षित पटना मिशन' की मॉनीट¨रग के लिए डीआइजी ने सभी चेकिंग प्वाइंटो के पास लगे सीसीटीवी कैमरे का कनेक्शन अपने चैंबर में कैमरे से करा लिया है। इसके बाद वह चैंबर में बैठकर ही मॉनीट¨रग कर रहे और विभागीय काम भी निपटा रहे हैं। इस दौरान किसी प्वाइंट पर पुलिस की सुस्ती देख डीएसपी से लेकर थानेदार तक की क्लास लगाते रहे। उन्होंने दो डीएसपी को फटकार लगा अंतिम चेतावनी भी दी है। अभियान के पहले दिन आधा दर्जन थानेदार और पुलिस पदाधिकारियों की लापरवाही सामने आई।

पांच बिंदुओं पर जारी रहेगी कार्रवाई

'सुरक्षित पटना मिशन' के तहत पुलिस संदिग्ध वाहन, हेलमेट, ट्रिपलिंग, शराब तस्करी रोकने और वांछित को दबोचने के लिए कार्रवाई कर रही है। इसके साथ किसी भी तरह की घटना पर फौरन एक्शन के लिए नेटवर्क भी खड़ा किया गया है। सिस्टम ऐसा बना है कि मिशन के तहत सभी चेकिंग प्वाइंट पर तैनात जवान और पुलिस पेट्रोलिंग वाहन कहीं भी रहें, कुछ मिनटो में ही एक जगह जुट जाएंगे। वाहनों में जीपीएस एक्टिवेट किया गया है। वाहन कहां दौड़ रहा, इस पर नजर रखने के लिए अलग से एक टीम काम कर रही है।

By Jagran