राम पुकार सिन्हा को RLM ने किया सस्पेंड, उपेंद्र कुशवाहा के सामने नई चुनौती, क्या 3 विधायकों पर भी गिरेगी गाज?
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने सारण शिक्षक सीट से बागी उम्मीदवार राम पुकार सिन्हा को छह साल ...और पढ़ें

उपेंद्र कुशवाहा के निर्देश पर रामपुकार सिन्हा सस्पेंड।
HighLights
उपेन्द्र कुशवाहा ने राम पुकार सिन्हा को पार्टी से निलंबित किया।
सिन्हा सारण शिक्षक सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे।
तीन विधायकों के समर्थन पर भी कार्रवाई की संभावना।
राज्य ब्यूरो, पटना। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने बिहार विधान परिषद चुनाव में सारण शिक्षक सीट से बागी उम्मीदवार राम पुकार सिन्हा को पार्टी से छह साल के लिए निलंबित कर दिया है।
उनके निर्देश पर रालोमो के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत पंकज ने सोमवार को उनके निलंबन के संबंध में आदेश
जारी किया।
उपेन्द्र कुशवाहा के आदेश पर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने की कार्रवाई
निलंबन आदेश में कहा गया है कि राम पुकार सिन्हा सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
यह पार्टी के अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। इससे पार्टी की छवि खराब हुई है। पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है। इसलिए उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निलंबित किया जाता है।
तीन विधायकों पर कब होगी कार्रवाई
बता दें कि रालोमो के विधायक आलोक सिंह (प्रदेश अध्यक्ष), आनंद माधव और रामेश्वर महतो के समर्थन से राम पुकार सिन्हा चुनाव लड़ रहे हैं और उनके नामांकन के दौरान भी ये सभी विधायक मौजूद थे।
जबकि, सारण से एनडीए से जदयू के उम्मीदवार आनंद पुष्कर चुनाव मैदान में हैं। अब राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा है कि क्या उपेन्द्र कुशवाहा पार्टी के तीन विधायकों पर भी कार्रवाई करेंगे।
क्योंकि इन विधायकों ने सारण के मतदाताओं से राम पुकार सिन्हा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। ये विधायक एक तरह से खुलकर कुशवाहा के विरोध में उतर चुके हैं।
कुछ महीने पूर्व भी इन विधायकों ने विरोध जताया था। हालांकि उस दौरान कुछ दिनों की मान मनौव्वल के बाद मामला शांत हो गया था।
