पटना, राज्य ब्यूरो। Naxalite Rehabilitation Scheme: बम और बंदूक चलाने वाले नक्सली औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (आइटीआइ) में तकनीकी ज्ञान पाएंगे। इसके लिए उन्हें आइटीआइ (Industrial Training Institute) में उनकी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण तो मिलेगा ही तीन साल तक छह हजार रुपये का मासिक भत्ता भी दिया जाएगा। इसके अलावा पुनर्वास राशि भी दी जाएगी। फिलहाल वर्ष 2019-20 में गया एवं कैमूर के आत्मसमर्पण करने वाले नौ हार्डकोर नक्सलियों को इसका लाभ मिलेगा। उनके लिए 38.72 लाख रुपये की सहायता राशि भी स्वीकृत की गई। सोमवार को विशेष शाखा के एडीजी सुनील कुमार (Special Branch ADG Sunil Kumar) की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय राज्य स्तरीय समर्पण सह पुनर्वासन समिति की बैठक में इसे स्वीकृति प्रदान की गई।

ढाई से पांच लाख रुपए तक मिलते हैं पुनर्वास योजना में

वर्तमान में आत्मसमर्पण योजना के तहत उच्चस्तरीय नक्सलियों को पांच लाख रुपये जबकि मध्यम एवं निम्नस्तरीय नक्सलियों को ढाई लाख रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा 36 माह तक छह हजार का प्रशिक्षण भत्ता देने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य नक्सलियों (वामपंथी उग्रवादियों) को मुख्य धारा से जोड़कर सामान्य जीवन में वापस लौटाना है। इससे प्रभावित होकर बड़ी संख्‍या में नक्‍सली सामान्‍य जीवन शुरू करने के लिए आगे भी आते रहे हैं।

  • बम-बंदूक चलाने वाले हाथ हुनर सीख गढ़ेंगे भविष्य
  • आत्मसमर्पण करने वाले नौ हार्डकोर नक्सलियों का होगा पुनर्वास
  • औद्योगिक प्रशिक्षण के लिए केंद्र ने स्वीकृत की सहयोग राशि
  • 38.72 लाख की राशि स्वीकृत की गई आत्मसमर्पण करने वाले नौ नक्सलियों के लिए
  • 06 हजार रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा आत्मसमर्पण करने वालों को 36 माह तक

नौ नक्सलियों में आठ सब-जोनल कमांडर

जिन नौ नक्सलियों के लिए सहयोग राशि स्वीकृत की गई है, उनमें आठ सब जोनल कमांडर हैं। मंदीप यादव, सूबेदार यादव, नवल भुईयां, भौरिक यादव, कामेश्वर बिंद, शशि भुईयां उर्फ रवि भुईयां, अखिलेश भुईयां उर्फ उमरेश भुईयां, समीर उर्फ शशिरंजन और हार्डकोर महिला उग्रवादी रीता बैगा को आत्मसमर्पण सह पुनर्वास योजना का लाभ प्रदान किया गया है।