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पटना, जेएनएन। रामकृष्ण नगर और कंकड़बाग के तीन घरों में डकैती डालने वाले गैंग में पांच दस नहीं बल्कि बीस बदमाश शामिल थे। गैंग के सरगना हर वारदात में सदस्यों को बदल देते थेे। हैरानी की बात तो यह है कि इस गैंग में शामिल बदमाश एक दूसरे के ठिकानों के बारे में जानकारी नहीं रखते हैं। एक दूसरे से मोबाइल पर ही कनेक्ट होते हैं गैंग के गिरफ्तार तीन बदमाशों ने पुलिस के सामने कई और चौंकाने वाली बात कही है।

जैकेट से मिला पुलिस को क्लू

सोरंगपुर में डकैती की घटना के एक घंटे बाद फिर कंकड़बाग थाना क्षेत्र के अशोक नगर में इंजीनियर के घर में शातिरों ने पुलिस के होश उड़ा दिए। एसएसपी गरिमा मलिक ने सिटी एसपी ईस्ट के नेतृत्व में एसआइटी गठित कर दी। एसआइटी की पूछताछ में पीडि़तों ने एक बदमाश की जैकेट को एक जैसा बताया। पुलिस ने कंकड़बाग और रामकृष्णनगर से लेकर बाईपास तक के सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। पीले रंग की जैकेट के जरिए पुलिस ने अपाची बाइक पर सवार दो संदिग्ध को बाईपास की तरफ जाते देखा।

बाहरी बदमाशों ने उड़ाई पटना पुलिस की नींद

इसमें एक बदमाश वैसी ही जैकेट पहने हुआ था। एसआइटी ने जैकेट से कंकड़बाग निवासी बदमाश अजीत साहनी उर्फ अजीत कुमार उर्फ लल्लू की पहचान कर जक्कनपुर से गिरफ्तार कर लिया। अपाची बाइक भी जब्त कर ली। पूछताछ के बाद उसने गिरोह में शामिल नालंदा के अस्थावां थाना क्षेत्र निवासी रंजीत पासवान और उसी जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र निवासी गौतम कुमार उर्फ गौतम सोनार का नाम उगला। एसआइटी ने शुक्रवार को रंजीत व गौतम को नालंदा से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक देशी कट्टा भी मिला। जब पुलिस ने बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि जक्कनपुर में हुई डकैती में दूसरे जिले के बदमाश शामिल थे। सिटी एसपी ईस्ट राजेंद्र भील के मानें तो अधिकांश वारदात में दूसरे जिले के बदमाश शामिल हैं। जो पुलिस के लिए चुनौती बने हैं।

दो लाख में बेच दिए थे आठ लाख के जेवर

बदमाश इंजीनियर और रामदेव के घर से लूट के करीब आठ लाख के जेवर समेटकर नालंदा में गौतम कुमार के पास पहुंचे। गौतम पहले भी चोरी के मामले में जेल जा चुका है। बाहर आने के बाद नालंदा में ही ज्वैलरी की दुकान खोल ली थी। सभी बदमाश गौतम को ही लूट के जेवर बेचते थे। जक्कनपुर में डकैती के जेवर भी उसे बेचे गए थे। पुलिस ने गौतम की दुकान से लूटे गए सोने के दो मंगलसूत्र, सोने के तीन लॉकेट, कान की नौ बालियां, साने के दो ढोलना, 62 पीस नथुनी, चांदी की 17 पायल, और पूर्व में अन्य जगह से लूटी गई गई चांदी की 43 जोड़ा पायल सहित अन्य जेवर बरामद कर लिए। गौतम ने पुलिस को बताया कि अजीत और उसके साथियों ने लूट के आठ लाख के जेवर के बदले दो लाख रुपये लिए थे।

पॉकेटमार और चोरों के साथ मिल बनाया गैंग

अजीत के खिलाफ दस से अधिक मामले दर्ज हैं। कुछ माह पूर्व ही वह नालंदा जेल से छूटा था। जेल में रहने के दौरान उसकी दोस्ती पूर्व में डकैती मामले में बंद बदमाशों से हुई। बेउर जेल से ट्रांजिट रिमांड पर छह बदमाशों को नालंदा जेल भेजा गया था। उनसे भी अजीत की दोस्ती हो गई। फिर सभी ने डकैती की साजिश रची। सभी ने एक-दूसरे से संपर्क रखने के लिए अपना मोबाइल नंबर शेयर किया। तीन माह में एक-एक कर सभी जेल से बाहर आ गए। फिर मोबाइल से एक-दूसरे से संपर्क किया। गिरोह में शामिल बदमाश एक दूसरे का सही ठिकाना नहीं जानते हैं। इसमें कुछ बदमाश हरियाणा और यूपी के भी बदमाश हैं।

मिनटों में रेकी, एक-एक कर बोलते थे धावा

अजीत और रंजीत ने बताया कि सभी बोलेरो से नालंदा से पटना आते थे। फिर बाईपास पर बोलेरो खड़ी कर बाइक से किसी भी मोहल्ले में घुस जाते थे। ऐसे घर की रेकी करते थे, जहां शाम के बाद कोई गेट बंद करने आता था। उसी समय गेट बंद करने वाले के पास भागकर एक बदमाश पहुंचता था और मदद की गुहार लगाते हुए घर में दाखिल हो जाता था। फिर एक-एक कर दस बदमाश वारदात को अंजाम देकर बाईपास पर खड़ी बोलेरो के पास पहुंचते थे। इनके निशाने पर मध्यमवर्गीय परिवार होते थे। वहीं सोरंगपुर में डकैती के दौरान रुपये नहीं मिलने पर बदमाशों ने छात्रों की पिटाई की थी और एटीएम कार्ड लेकर पैसा निकालने गए थे। वापस लौटने के बाद पिन कोड गलत बताने पर भी छात्रों की पिटाई की।

Posted By: Akshay Pandey

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