नालंदा [जेएनएन]। बिहार की सियासी हवा इन दिनों एक बार फिर गर्म हो गई है। रालोसपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के एनडीए द्वारा आयोजित भोज में न शामिल होने और उन्‍हें बिहार में गठबंधन का चेहरा बनाये जाने की मांग पर सियासत तेज हो गई है। एनडीए के धुर विरोधी उपेंद्र कुशवाहा को महागठबंधन में शामिल होने की सलाह दे रहे हैं। जीतनराम मांझी के बाद बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने कहा कि जल्‍द ही उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन में शामिल होंगे।

उदय नारायण चौधरी शुक्रवार को नवादा के हिसुआ जा रहे थे। इसी क्रम में नालंदा जिले के राजगीर मोड़ पर उन्‍होंने कहा कि बिहार में अब महागठबंधन चलेगा। नालंदा में भी अब एनडीए की नहीं, महागठबंधन की जीत होगी।

संविधान बचाओ, देश बचाओ रैली की सफलता को लेकर जिलों के भ्रमण पर निकले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि महागठबंधन तेजी से मजबूत हो रहा है। उपेंद्र कुशवाहा जल्द ही महागठबंधन के सहयोगी होंगे और वे जल्दी हमारे साथ आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा शीघ्र ही एनडीए का दामन छोड़े, तभी उनका कल्याण होगा।

उन्होंने कहा कि शराबबंदी के कारण बिहार के लाखों गरीब पिछड़े वर्ग के लोग जेल की सलाखों के पीछे हैं जिसका खामियाजा जदयू को भुगतना पड़ेगा और आने वाले चुनाव में गरीब  पिछड़े वर्ग के लोग इसका जवाब देने का काम करेंगे।

बता दें कि इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि महागठबंधन में उपेंद्र कुशवाहा का स्वागत है, लेकिन वे अपनी सीएम पद की इच्छा छोड़कर आएं। यहां सीएम पद की वैकेंसी नहीं है क्योंकि अगले विधानसभा में तेजस्वी सीएम पद के उम्मीदवार हैं।

वहीं, रालोसपा नेता नागमणी ने कहा है कि बिहार में उपेंद्र कुशवाहा का जनाधार बड़ा है इसीलिए आगामी विधानसभा चुनाव के लिए वो ही सीएम मटेरियल हैं। एनडीए की तरफ से वही चुनाव का चेहरा होंगे। इस बारे में हम एनडीए के नेताओं से बात करेंगे। 

Posted By: Ravi Ranjan

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