पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार सरकार ने हड़ताली शिक्षकों के प्रति कड़ा रख अख्तियार करते हुए मैट्रिक परीक्षा में व्यवधान डालने वाले दो शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया, जबकि सहरसा जिले के विद्यालयों में अभिलेखों को क्षतिग्रस्त करने और विद्यालय को बंद कराने के आरोप में चार शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है। 

शिक्षा विभाग के प्रवक्ता अमित कुमार ने राज्यभर से मैट्रिक परीक्षा की रिपोर्ट आने के बाद मंगलवार को देर शाम विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पटना जिले के दो शिक्षकों को परीक्षा में व्यवधान पैदा करने के आरोप में उन्हें जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इनमें मनोज कुमार (मध्य विद्यालय, नुरूद्दीनगंज, मालसलामी) और सहायक शिक्षक मो. मुस्तफा आजाद (प्राथमिक विद्यालय, चकारम) शामिल हैं। इन दोनों शिक्षकों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया है।

उन्होंने बताया कि सहरसा जिले के नियोजित शिक्षक रंजन कुमार राकेश (मध्य विद्यालय, पतरघट), मनोज कुमार मुन्ना (मध्य विद्यालय, सबैला), नूतन सिंह (नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, खोताढ़ी टोला, पतरघट), भीम नंदन यादव (प्राथमिक विद्यालय, कुनदाहा, सहरसा) द्वारा विद्यालय में अभिलेखों को क्षतिग्रस्त करने और विद्यालय को बंद कराने के आरोप में उन पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। इन शिक्षकों पर आगे भी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 

गौरतलब है कि बिहार में सोमवार से जहां मैट्रिक की परीक्षा शुरू हुई है। वहीं उसी दिन से लगभग साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों ने हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल करने वाले शिक्षकों का दावा है कि बिहार में लगभग 74 स्‍कूलों में ताले लटके हैं और पठन-पाठन ठप है। हालांकि, शिक्षा विभाग ने हड़ताल पर जाने वाले शिक्षकों को कड़ी चेतावनी दी थी। इसके बाद नियोजित शिक्षक हड़ताल पर चले गए। ऐसे में मंगलवार को शिक्षा विभाग ने परीक्षा में बाधा पहुंचाने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई से बाकी शिक्षकों को भी मैसेज दिया गया है कि विभाग नरमी बरतने वाला नहीं है। 

Posted By: Rajesh Thakur

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