पटना, जेएनएन। कोरोना के खतरे को देखते हुए घरों में बैठे प्रदेश के सरकारी विद्यालयों के पौने दो करोड़ विद्यार्थियों को भी ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिल गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को 'विद्यावाहिनी बिहार एप' का शुभारंभ किया। शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने 'एप' को लॉन्च करने के बाद बताया कि इस 'एप' पर पहली से बारहवीं कक्षा की की सभी किताबों को अपलोड किया गया है।

चैप्टर नोट्स भी उपलब्ध

विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधा हेतु प्रत्येक चैप्टर का 'नोट्स' (अध्ययन सामग्री) भी तैयार कर 'विद्यावाहिनी बिहार एप' पर उपलब्ध करायी गयी है। कार्यक्रम में विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन एवं प्राथमिक शिक्षा निदेशक एवं बिहार राज्य पाठ्य पुस्तक प्रकाशन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ.रणजीत कुमार सिंह मौजूद थे। 

गूगल प्ले स्टोर में जाकर एप होगा डाउनलोड

प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ.रणजीत कुमार सिंह ने बताया कि पहली से बारहवीं कक्षा के 1 करोड़ 75 लाख विद्यार्थियों की सुविधा के लिए 'विद्यावाहिनी बिहार एप' को शुरू किया गया है। हर विषय में एक-एक चैप्टर के हिसाब से 'नोट्स' (अध्ययन सामग्री) दिए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई में सहूलियत होगी। अपनी सुविधा से विद्यार्थी गूगल प्ले स्टोर में जाकर 'एप' को डाउनलोड कर सकते हैं। इसके साथ ही 'एप' को बिहार राज्य पाठ्य पुस्तक प्रकाशन निगम की वेबसाइट (बीएसटीबीपीसी डाट जीओवी डाट इन) और 'रनलाइव डाट इन' पर दिए गए लिंक पर जाकर भी डाउनलोड किया जा सकता है। 

पीयू के हॉस्टल लॉकडाउन में होंगे दुरुस्त

पटना विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. एचएन प्रसाद ने शुक्रवार को गल्र्स हॉस्टल का निरीक्षण किया। प्रभारी कुलपति गंगा छात्रावास, जीडीएस हॉस्टल, मदर टेरेसा हॉस्टल, यमुना हॉस्टल आदि का डीएसडब्ल्यू प्रो. एनके झा और प्रॉक्टर प्रो. रजनीश कुमार के साथ पहुंचे। उन्होंने सभी हॉस्टल अधीक्षकों को जरूरी कार्यों को अविलंब समाप्त कराने का निर्देश दिया। डीएसडब्ल्यू प्रो. एनके झा ने बताया कि लॉकडाउन की अवधि में सभी छात्रावास खाली हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मरम्मत के सभी काम तत्काल पूरा करा लेने का निर्देश कुलपति ने संबंधितों को दिया।

Posted By: Akshay Pandey

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