पटना। गर्दनीबाग और अगमकुआं में स्थित कूड़ा डंपिंग यार्ड में पड़े कूड़े का केमिकल ट्रीटमेंट निगम द्वारा शुरू कर दिया गया है। इससे आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों को दुर्गध से राहत मिलेगी। केमिकल ट्रीटमेंट से कचरे में ऐसे कीटाणु और कीड़े उत्पन्न हो जाते हैं, जो धीरे-धीरे कचरे को खा जाते हैं। जिससे कचरा कम हो जाता है। साथ ही इससे बदबू भी नहीं निकलती है। स्थानीय लोगों कूड़े से निकलने वाले दुर्गध को लेकर कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं।

कचरे से तैयार होगी कंपोस्ट खाद

निगम की जनसंपर्क अधिकारी हर्षिता ने कहा कि कचरे से कंपोस्ट खाद बनाने के लिए कंपोस्ट पिट का निर्माण किया जाएगा। सेकेंडरी प्वाइंट पर गीला कचरा, सूखा कचरा, प्लास्टिक मलवा आदि छांटने के लिए एक एजेंसी का चयन किया जा रहा है। एजेंसी द्वारा कचरे को छांटने के बाद उसकी रि-साइकिलिंग और रिफाइनिंग कराई जाएगी। फिर रामचक बैरिया स्थित डंपिंग ग्राउंड भेजा जाएगा। वहां भी वर्षो से डंप कचरे का साइंटिफिक ट्रीटमेंट किया जाएगा। इसके लिए भी एजेंसी का चयन हो रहा है। गौरतलब है कि अमेरिकी कंपनी एजी डाउटर द्वारा रामचक बैरिया में कचरे से बिजली बनाने की मशीन लगाई जाने वाली है। इसके लिए काम चल रहा है।

गर्दनीबाग और अगमकुआं में बनेंगे ट्रांसफर स्टेशन :

वेस्ट टू एनर्जी परियोजना के तहत गर्दनीबाग और अगमकुअंा में सेकेंडरी प्वाइंट पर अगले महीने से ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण कार्य किया जाएगा। निगम के सभी अंचलों से कचरे को लाकर यही गिराया जाएगा। फिर यहां से इसकी छंटनी कर बिजली निर्माण के लिए रामचक बैरिया में भेजा जाएगा।

Posted By: Jagran