पटना [जेएनएन]। किन्‍नरों (Transgenders) की पूरी फौज सड़कों पर उतर आई। उनके हंगामे (Hungama) के आगे सब बेबस (Helpless) नजर आए। पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित फोर्स मेडी अस्पताल (Force Medi Hospital) में बीती रात अपने भाई रोशन की मौत से आक्रोशित एक किन्‍नर अमृता ने साथी किन्नरों के साथ सोमवार को जमकर हंगामा किया। उन्‍होंने पाटलिपुत्र गोलंबर पर शव को रखकर तीन-चार जगह पर आगजनी तथा वाहनों में तोडफ़ोड़ की। इससे आधे घंटे तक सड़क पर अफरा-तफरी की स्थिति रही। अमृता ने अस्‍पताल पर इलाज में लापरवाही तथा मौत के बाद भी इलाज के नाटक का आरोप लगाया है। इस दौरान पुलिस बेबस नजर आई।

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने आक्रोशितों को समझाने की कोशिश की पर वे नहीं माने। इसके बाद भारी पुलिस बल को बुलाया गया। बाद में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया और आधा दर्जन उपद्रवियों को हिरासत में लेकर पाटलिपुत्र थाने ले गई। पीछे-पीछे किन्नर व परिजन भी शव के साथ थाने में पहुंच गए और हिरासत में लिए गए उपद्रवियों को मुक्त करने की मांग पर हंगामा करने लगे। काफी समझाने के बाद वे शव लेकर दाह-संस्कार (Funeral) के लिए गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपितों को बॉन्‍ड भरवा कर छोड़ दिया।

हादसे में घायल हुआ था रोशन

पटना के दीघा बाजितपुर गेट नंबर 92 के रहने वाले स्व. कृष्ण चौधरी का बेटा रोशन 23 नवंबर को नौबतपुर में सड़क हादसे (Road Accident) में घायल हो गया था। रोशन, अमृता किन्नर (28) का छोटा भाई है। अमृता के मुताबिक, शनिवार और रविवार की सुबह उसने भाई के इलाज के लिए फोर्स मेडी अस्पताल में पांच लाख रुपये जमा किए थे। रविवार की शाम में अस्पताल प्रशासन ने कहा कि रोशन की तबीयत बिगड़ गई है। उन्होंने उसे एंबुलेंस पर लाद दिया और दूसरे अस्पताल में ले जाने को कहा।

मौत के बाद इलाज का नाटक

जब वे रोशन को लेकर सीएनएस अस्पताल (CNS Hospital) पहुंची तो मालूम हुआ कि उसके भाई की मौत सुबह ही हो गई थी। इसके बाद वह शव लेकर वापस फोर्स मेडी अस्पताल आई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इसके बाद अस्पतालकर्मी फरार हो गए। रविवार की रात पुलिस ने अमृता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की और शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया था।

दलाल के माध्यम पहुंचे थे अस्पताल

अमृता ने बताया कि वह भाई का इलाज कराने के लिए पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) गई थी। वह डॉक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया। इस बीच उसे एक व्यक्ति ने निजी अस्पताल में जाने की सलाह दी और पाटलिपुत्र गोलंबर के पास फोर्स मेडी अस्पताल का नाम बताया। अमृता ने आरोप लगाया कि इस अस्पताल में मौत के बाद रुपये वसूले जाते हैं। ऐसे में इसे सील किया जाए।

मामले की जांच कर रही पुलिस

घटना की बाबत पाटलिपुत्र के थानाध्‍यक्ष केपी सिंह ने बताया कि उपद्रव करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। अमृता किन्नर की शिकायत पर भी अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है। दोनों मामलों की जांच चल रही है।

Posted By: Amit Alok

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