पटना [जेएनएन]। पटना पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आने से जहां एक ओर भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह दिख रहा है, वहीं बिहार में एनडीए की गठबंधन सरकार में शामिल प्रमुख घटक जदयू भी अमित शाह के आने से और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सुबह के नाश्ते और रात के डिनर को लेकर उत्साहित है। सबको उम्मीद है कि शाह-नीतीश की रात्रिभोज में मुलाकात से सीट बंटवारे को लेकर उलझी बातें सुलझ जाएंगी।

शाह ने कहा-लोग लार टपकाना बंद करें, नीतीश कहीं नहीं जाएंगे
इससे पहले शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए बड़ा एेलान कर दिया कि नीतीश कुमार हमारे साथ हैं और रहेंगे। लोग लार टपकाना और हमारे गठबंधन के बारे में अनाप-शनाप बोलकर तोड़ने की कोशिश करना बंद करें। हमारा गठबंधन मजबूती से लड़ेगा और लोकसभा चुनाव में 40 की 40 सीटें जीतेगा। 

केसी त्यागी ने कहा-रात्रिभोज के दौरान सीट शेयरिंग फाइनल हो जाएगा

वहीं, जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि अमित शाह और सीएम नीतीश कुमार की मुलाकात कई मायनों में अहम है। उन्होंने कहा कि सुबह दोनों नेता करीब एक घंटे तक साथ थे और अब रात्रि में भी साथ डिनर करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई है कि रात्रि भोजन के समय सीट शेयरिंग का मसला सुलझ जाएगा। इसे सुलझ ही जाना चाहिए क्योंकि इसमें देर करना ठीक नहीं। सभी आश्वस्त रहेंगे।

उन्होंने कहा कि अमित शाह अपने नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में व्यस्त रहेंगे , लेकिन रात्रिभोज में दोनों पार्टियों के मुख्य लोग शामिल रहेंगे जिसमें सीट शेयरिंग पर चर्चा होगी। 

अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं में भरा उत्साह

गुरुवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पटना में पार्टी के नेताओं के साथ लोकसभा चुनाव की रणनीति बनाने के लिए मैराथन बैठक की। लेकिन सबकी निगाहें सीएम नीतीश कुमार के साथ नाश्ते और डिनर पर होने वाली उनकी मुलाकात पर टिकी हैं। दोनों पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर पिछले कुछ दिनों से बयानबाजी जारी थी। 

शाह-नीतीश के डिनर में चुनिंदा लोग होंगे शामिल

इस डिनर में चुनिंदा लोग ही शामिल होने वाले हैं। जदयू से नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले नेताओं को ही नीतीश-शाह की इस खास डिनर वाली बैठक में शामिल होने का मौका मिलेगा। जिसमें जदयू के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह, जदयू के सांसद सह महासचिव आरसीपी सिंह, जल संसाधन मंत्री ललन सिंह, उर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव और संसदीय कार्य मंत्री श्रवन कुमार का नाम सामने आ रहा है। 

तो वहीं बीजेपी की ओर से बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय, सुशील कुमार मोदी, नंदकिशोर यादव जैसे नेताओं के शामिल रहने के बात कही जा रही है। 

सुलझ जाएगा बड़ा भाई-छोटा भाई का मुद्दा

अमित शाह के साथ डिनर पर निगाहें इसलिए टिकी हुई है क्योंकि लोकसभा चुनाव में बड़े भाई-छोटे भाई की बात और ज्यादा से ज्यादा सीटों को लेकर दोनों पार्टियों के बीच बकझक हो चुकी है। उसके बाद भाजपा नेता संबित पात्रा ने साफ कर दिया था कि बड़ा भाई सिर्फ बिहार की जनता है। 

नीतीश ने गिरिराज को लेकर दिखाई थी सख्ती

बता दें कि नीतीश कुमार अपने उसूलों से कभी समझौता नहीं करते। इस बीच  उनकी पहली नाराजगी तो बीजेपी के केंद्रीय मंत्रियों और उन सासंदों से हैं जो उनकी पार्टी के मुताबिक उग्र हिंदुत्व की विचारधारा को बिहार में भी आजमाने की कोशिश कर रहे थे।

सीएम नीतीश दंगा फैलाने के आरोपियों से गिरिराज सिंह की मुलाकात पर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जता चुके हैं। दिल्ली में हुई जेडीयू कार्यकारिणी में नीतीश ने यहां तक कह दिया कि वो किसी भी कीमत पर सांप्रदायिक राजनीति से समझौता नहीं करेंगे, चाहे इसके लिए जो भी करना पड़े। 

दोनों तरफ से दिख रही नरमी

माना जा रहा है कि गुरुवार के डिनर पर ये मुद्दा उठेगा। दोनों तरफ की नरमी ऑल इज वेल का संकेत दे रही है।किसके चेहरे को बिहार में आगे रखा जाए इस पर दो दिन पहले ही पटना आए संबित पात्रा ने संकेत दे दिया कि यहां नीतीश सीएम हैं और वो स्वाभाविक तौर पर एनडीए के नेता हैं। लेकिन इन सब मुद्दों पर अंतिम फैसला नीतीश और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को ही करना है, इसीलिए आज रात का डिनर अहम माना जा रहा है। 

 

By Kajal Kumari