पटना/ रांची, जागरण टीम। पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी की रहने वाली लवली अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह की सरगना निकली। वह पटना में बैठकर गिरोह का संचालन करती थी। झारखंड में वाहनों की चोरी और लूट की कई घटनाओं को उसने अंजाम दिया। बन-ठन कर रहने वाली लवली सड़क पर सुनसान में अकेले खड़ी हो जाती।कार चालकों से लिफ्ट मांगती। रास्‍ते में पूर्व प्‍लान के अनुरूप वह गाड़ी रोकवाती और वहां उसके साथी लूटपाट की घटना को अंजाम देते थे। हालांकि, अब वह गिरोह के पांच अपराधियों के साथ रांची के बुढ़मू थाने की पुलिस के हत्‍थे चढ़ चुकी है। उनके पास चोरी के तीन चारपहिया वाहन बरामद हुए हैं। गिरफ्तार अपराधियों में चान्हो थाना क्षेत्र के तरंगा निवासी फरीद खान, पटना की लवली सिंह एवं हजारीबाग के शिवकुमार, अशफाक अंसारी, मो. अजहर व मुश्ताक आलम उर्फ अरमान शामिल हैं। 

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एक दिसंबर को लूटी गई थी दूल्हे की कार 

ताजा घटना एक दिसंबर की है। बुढ़मू थाना क्षेत्र के पाथकोइ गांव में बरात आई थी। लवली के गिरोह ने जंगल के रास्‍ते गुजर रही दूल्‍हे की गाड़ी घेरी। दूल्‍हे को जंगल में ही उतार दिया और उसकी स्विफ्ट गाड़ी लूट ली थी। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी तो शादी के वीडियो फुटेज में एक संदिग्‍ध दिखा। वही लाइनर का काम कर रहा था। संदिग्‍ध को पुलिस ने उठाया। वह फरीद खान निकला। इसके बाद तो मामला परत दर परत खुलता चला गया और वाहन चोर गिरोह की महिला सरगना लवली समेत सभी की गिरफ्तारी हुई। उनकी निशानदेही पर तीन गाड़ी, छह मोबाइल, गाड़ी के फर्जी कागजात और नगद 34 हजार रुपये बरामद हुए। 

शादी समारोह से चुराते थे कार, बदल देते थे नंबर 

अपराधियों ने पुलिस को बताया कि उनके निशाने पर महंगी महंगी गाड़‍ियां होती थीं। वे शादी समारोह में ऐसी गाड़‍ियों पर नजर रखते और वहीं से गायब करते थे। चोरी की गाड़‍ियों  का नया इंजन और चेचिस पर फर्जी नंबर डालकर उन्हें बड़े शहरों में बेच देते थे। बुढ़मू से गाड़ी चोरी होने के बाद पुलिस ने जाल बिछाकर सरगना लवली को पकड़ा तब पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। गिरोह के भंडाफोड़ में प्रभारी महिला एसआइ गुलाब सोय मुरम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

पकड़े जाने पर पुलिस को दिखाने लगी धौंस 

पुलिस गिरफ्त में आई महिला सरगना का ग्लैमरस ठाट-बाट देख पुलिस भी हैरान रह गई। वह खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए पु‍लिस पर धौंस जमाने का प्रयास किया। ले‍किन पु‍लिस ने जब सख्‍ती की तो उसकी सारी पोल खुल गई। बताया कि वह सुनियोजित तरीके से गिरोह चला रही थी।  वह महंगे होटल में रुकती थी। किसी को कोई शक नहीं हो इस कारण वह कपड़े भी महंगे-महंगे पहनती थी। 

Edited By: Vyas Chandra