मुंगेर, जेएनएन। पटना-भागलपुर रेलखंड पर स्थित जमालपुर के निकट चोरों ने एक बार फिर रेलवे प्रशाासन को ठेंगा दिखाते हुए तार काट लिये। इससे रतनपुर के निकट रेलवे के सुरंग में ही आधी रात को ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस ट्रेन घंटों फंसी रही। इस दौरान यात्रियों की सांसें किसी अनहोनी के डर से अटकी रहीं। यात्रियों के लिए दहशत के पल थे। ट्रेन खुली तब जाकर उनकी सांस में सांस आईं।    

बुधवार की रात करीब दो बजे रतनपुर-पाटम स्टेशन के बीच लगभग 35 मीटर तार काट लिया। इस कारण डिब्रुगढ़ जा रही ब्रह्मपुत्र मेल चार घंटे तक रेलवे सुरंग में खड़ी खड़ी रही। आप और डाउन लाइन में ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। ट्रैक पर झूल रहे तार को हटाने में रेल प्रशासन को चार घंटे लग गए। गुरुवार की सुबह 6:00 बजे ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ। रात भर ट्रेन सुरंग में खड़ी रहने के कारण यात्रियों में दहशत का माहौल दिखा।

रात दो बजे का मामला 
रात दो बजे जमालपुर और रतनपुर स्टेशन को सूचना मिली कि चोरों ने रेल तार को काट दिया है। ट्रैक पर तार लटकने की सूचना स्टेशनों को दी गई। इस बीच ब्रह्मपुत्र मेल रात करीब 1:55 बजे जमालपुर स्टेशन से खुली थी। ट्रेन का इंजन अभी सुरंग पार किया था कि सिग्नल लाल कर ट्रेन को रोक दिया गया। इसके बाद ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने विद्युत कर्मी, गैंगमैन की मदद से लटके तार को हटा कर परिचालन शुरू कराया। इस वजह से भागलपुर की तरफ जा रही मालदा इंटरसिटी, बांका एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस को जमालपुर व धरहरा में रोक दिया गया। वहीं अब मार्ग में आ रही हावड़ा-राजगीर सवारी गाड़ी, जमालपुर- साहेबगंज पैसेंजर सुल्तानगंज में घंटों खड़ी रही। 

सुरंग में खड़ी रही ट्रेनें, 2000 यात्री दहशत में 
ब्रह्मपुत्र मेल रात को रात 2:10 से 6:00 बजे तक सुरंग मैं खड़ी रही। इस कारण ट्रेन में सफर कर रहे 2000 यात्री फंसे रहे। यात्रियों में काफी दहशत दिखी। अंधेरा होने के कारण यात्रियों ने ट्रेन के दरवाजे और खिड़कियों को बंद कर दिया। अनहोनी की आशंका से यात्री सहमे दिखे। ट्रेन में एस्कॉर्ट पार्टी को देख यात्रियों को राहत हुई। पूरी रात ठंड में कांपते रहे।  यात्री पूरी रात अपने बर्थ व सीट पर चुपचाप दुबके थे। 

तार चोरी की लगातार 10वीं घटना, आरपीएफ बनी मूकदर्शक
गौरतलब है कि तार चोरी की घटना यह पहली नहीं है। 2 महीने के अंतराल में भागलपुर-किउल रेलखंड पर रेलखंड पर चोरी की दसवीं घटना है। हालांकि अभी तक सात की प्राथमिकी दर्ज हुई है। इसके पहले पिछले साल 15 दिसंबर को चोरों ने तार काट लिये थे। उस समय चोरों ने कल्याणपुर-सुल्तानगंज के बीच एक पोल से दूसरे पोल तक का तार काटा था। हालांकि चोर तार ले जा नहीं सका था, त​ब तक आरपीएफ को इसकी जानकारी मिल गई। इससे तार को बरामद कर लिया गया। लेकिन उस समय भी लगभग तीन घंटे तक ट्रेनों का परिचालन ठप रहा। 

ठेकेदार शक के दायरे में 
लगातार तार काटे जाने की घटना ने पूरे महकमा को हिलाकर रख दिया है। ऐसे में कंपनी जिस ठेकेदार को काम सौंपा है। उसपर शक की सूई घूम रही है। आरपीएफ़ भी ठेकेदार को इसके लिए जिम्मेदार बता रही है। जिस जगह पर बुधवार की रात घटना हुई। आसपास ही ठेकेदार का कैंप भी लगा है। इसके बाद भी घटना होना अपने आप में बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। आरपीएफ़  ठेकेदार से पूछताछ करेगी।  हालांकि गुरुवार की सुबह से  ही आरपीएफ पुलिस ने तार चोरों की तलाश में कई जगह पड़ताल की। लेकिन पुलिस को अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। 

नक्‍सल प्रभावित इलाका 
दरअसल यह इलाका नक्सल प्रभावित है। ऐसे में आधी रात में ट्रेन का अचानक से रुक जाना यात्रियों को दहशत में ला दिया। ट्रेन वहां पर लगभग दो बजे रात से ही सुबह 6 बजे तक रुकी रही। जब तक अंधेरा रहा, यात्री सहमे रहे। सुबह हुई तो यात्रियों को थोड़ी राहत मिली। 

 2018 में तार काटने की प्रमुख घटना 

  • 6 नवंबर : बरियारपुर-कल्याणपुर के निकट 
  • 17 नवंबर : बरियारपुर-कल्याणपुर के निकट 
  • 30 नवंबर : बरियारपुर-कल्याणपुर के निकट 
  • 1 दिसंबर : बरियारपुर स्टेशन के निकट 
  • 11 दिसंबर : जमालपुर के निकट रतनपुर में 
  • 12 दिसंबर : बरियारपुर के निकट श्रृषिकुंड में 
  • 15 दिसंबर : कल्याणपुर-सुल्तानगंज में  

    2019 
  • 24 जनवरी : जमालपुर सुरंग के निकट

 

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