पटना, आशीष शुक्ल। नीट यूजी, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की जगह साल्वर सेट कर धांधली करने वाले गिरोह के एक दो, नहीं बल्कि पटना के रहने वाले पांच सरगना का नाम उजागर हो चुका है। अब प्रयागराज में यूपीटीईटी में भी बिहार के साल्वरों का नाम आने से पुलिस में हड़कंप मचा है। नीट यूजी में शामिल बिहार के सरगना में सिर्फ पीके उर्फ निलेश की गिरफ्तारी वाराणसी में हो सकी है। जबकि पिछले दो साल से सरगना अतुल वत्स, अंशू, अमित और नीतीश पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके। इन सभी का काम एक है, लेकिन गिरोह अलग हैं। नेटवर्क कई राज्यों तक फैला है। सभी का कनेक्शन पटना से है। इसमें नीतीश और अमित का पटना में सही ठिकाना कहां है, यह पुलिस रिकार्ड में भी है। अतुल और अंशू जहां पटना पुलिस रिकार्ड में वांछित है तो वहीं दोनों को लखनऊ और मेरठ एसटीएफ खोज रही है।

अतुल का सबसे बड़ा गैंग, अंशू है सेटर

अगस्त 2020 में बुद्धा कालोनी थाने की पुलिस बोरिंग रोड स्थित एक फ्लैट में छापेमारी कर अतुल गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया था। बुद्धा कालोनी में अतुल के खिलाफ भी केस हुआ। वह पुलिस के हाथ नहीं आया। सूत्रों की मानें तो दिसंबर 2016 में एमडी, एमएस की आनलाइन परीक्षा में साफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर कई को पास करा दिया गया। दिल्ली पुलिस ने अतुल को 2017 में गिरफ्तार किया था। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने से लेकर साल्वर सेटर अंशू सहित उसके साथियों के खिलाफ एसकेपुरी थाने में केस दर्ज हुआ। अंशू साल्वर सेट करने वाले गिरोह का सरगना है।

पीके के साथियों की तलाश में छापेमारी

सितंबर 2021 में नीट परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा देने वाली बीएचयू की टापर जुली कुमारी और उसकी मां को गिरफ्तार किया गया। इसकी निशानदेही पर गाजीपुर के डाक्टर सहित गिरोह के सरगना पीके उर्फ निलेश सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जबकि अन्य की तलाश जारी है। वाराणसी पुलिस पीके और उसके एक अन्य रिश्तेदार को रिमांड पर लेकर पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर तीन-चार दिनों से पटना में छापेमारी कर रही है। वाराणसी पुलिस को पीके के साथी गणेश सहित चार अन्य की तलाश है।

एसटीएफ के सामने आया था नीतीश का नाम

22 अक्टूबर 2021 में कर्मचारी चयन आयोग और परीक्षा नियामक प्राधिकारी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में साल्वर बैठाने गिरोह के सदस्यों को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर किया था। इनकी पटना के रुकनपुरा निवासी शिवम और महेन्दू्र निवासी सूरज कुमार के रूप में पहचान हुई। पूछताछ में इन्होंने एक सरगना का नाम उजागर किया, जिसका नाम नीतीश बताया गया। पटना में नीतीश कहां रहता है, इसके कितने ठिकाने हैं, कितने लोग गैंग में शामिल हैं, इसके बारे में इनपुट पुलिस नहीं जुटा पाई।

अमित के संपर्क में सौ साल्वर

मेरठ में नवंबर 2021 दारोगा भर्ती में साल्वर पकड़े गए। पूछताछ में पता चला कि साल्वर गैंग के सरगना पटना में बैठा अमित है। अमित ने पूरे देश में साल्वर गैंग का नेटवर्क बना रखा है। मेरठ पुलिस अमित पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। वह हर प्रदेश में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं साल्वर का अलग-अलग रेट फिक्स करता है। उसके गैंग में सौ से अधिक साल्वर हैं, जिन्हें बिहार सहित अलग-अलग राज्यों से सेट कर परीक्षा में भेजा जाता है।

Edited By: Shubh Narayan Pathak