यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के लिए फिलहाल जदयू संगठन में भी कोई गुंजाइश नहीं, तल्खी भी नोटिस में
जदयू नेतृत्व ने हाल ही में आरसीपी के लिए पद के बारे में पूछे जाने पर साफ कहा कि यह ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना : पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के लिए जदयू के संगठन में भी फिलहाल कोई गुंजाइश नहीं दिख रही। जदयू नेतृत्व ने हाल ही में आरसीपी के लिए पद के बारे में पूछे जाने पर साफ कहा कि यह कोई जरूरी थोड़े है कि पार्टी में सभी के लिए कोई न कोई पद रहे ही। उसी दिन जदयू ने तीन राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किए जाने की अधिसूचना जारी कर दी। इस बीच आरसीपी और उनके समर्थकों के अंदाज पर जदयू नेतृत्व की पैनी निगाह बनी हुई है। आरसीपी की तल्खी नोटिस में ली जा रही।
आरसीपी सिंह ने हाल ही में यह बयान दे डाला कि नीतीश कुमार का जन्म पटना जिले में हुआ है, नालंदा के तो हम हैं। इस बयान पर जदयू के अंदरखाने में काफी कड़ी प्रतिक्रिया हुई। यहां तक कि जदयू के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस तरह की बात का कोई मतलब है क्या? यह विचित्र सोच है। इसी तरह आरसीपी सिंह के साथ जा रहे उनके समर्थकों ने यह नारा लगा दिया कि बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, आरसीपी जैसा हो। इस पर जदयू में आधिकारिक तौर पर काफी कड़ी प्रतिक्रिया हुई। जदयू के मंत्री ने कहा कि इस तरह का नारा लगाने वाले लोग जदयू कार्यकर्ता नहीं हो सकते। जदयू के लिए तो सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार हैं। जदयू कार्यकर्ता इस तरह का नारा क्यों लगाएगा। अगले ही दिन जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से यह प्रतिक्रिया आई कि जदयू में मुख्यमंत्री पद के लिए वैकेंसी कहां है? हां दूसरे दल से कोई दावा कर सकता है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तो यह दो टूक अंदाज मे कह डाला कि मुख्यमंत्री पद के लिए किसी दूसरे के नाम का नारा लगाने वाले जदयू के कार्यकर्ता नहीं थे। पंद्रह करोड़ की आबादी में 10-20-50 लोगों ने ऐसा कर दिया होगा।
अपने दम पर पांच हजार लोग नहीं जुटा सकते आरसीपी
कई मोर्चे पर आरसीपी की तल्खी को जदयू नेतृत्व नोटिस में ले रहा है। पिछले दिनों जदयू के एक मंत्री ने आरसीपी का संदर्भ लेते हुए यह कहा था कि नीतीश कुमार के नाम पर भीड़ आती है। अपने दम पर कोई पांच हजार भीड़ जुटा नहीं सकता। इस पर हाल ही में मुस्तफापुर से जहानाबाद के लिए निकले अपने काफिले को देख आरसीपी ने यह टिप्पणी की थी कि पांच हजार की भीड़ भी नहीं जुटाने की बात करने वाले मंत्री को यह देखना चाहिए। इसी तरह जब यूपी के धनंजय सिंह को जदयू ने राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया तो आरसीपी सिंह के व्हाट्सएप ग्रुप पर काफी कड़ी टिप्पणी की गयी। यह कहा गया कि महात्मा गांधी का पोस्टर लगाने वाली पार्टी ने 25 हजार के इनामी अपराधी को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया।
