बिहार के विश्वविद्यालयों में होने जा रहा है बड़ा बदलाव, सभी कुलपतियों से सरकार ने मांगी रिपोर्ट
बिहार के विश्वविद्यालयों में नवाचार व स्टार्ट अप को बढ़ावा देने की तैयारी शिक्षा विभाग का निर्देश-विश्वविद्यालयों को अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र बनाएं शिक्षा विभाग इसके लिए तैयारियों में जुट गया है बेरोजगारी की समस्या दूर करने में भी महत्वपूर्ण

पटना, राज्य ब्यूरो। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन में जुटी नीतीश सरकार ने प्रदेश के तमाम विश्वविद्यालयों में शोध, नवाचार और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। सरकार का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थान महज डिग्री और डिप्लोमा प्रदान करने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि नए-नए अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र भी बनाए। इसमें सरकार वित्तीय मदद देगी क्योंकि यह नई शिक्षा नीति का हिस्सा भी है। सरकार की इस नीति से शिक्षा की गुणवत्ता में तो सुधार होगा ही, बेरोजगारी की समस्या दूर करने में भी महत्वपूर्ण मदद मिल सकेगी। शिक्षा विभाग इसके लिए तैयारियों में जुट गया है।
शिक्षा विभाग ने कुलपतियों से मांगा प्रस्ताव
शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक एवं शोध के क्षेत्र में भी परस्पर सहयोग को बढ़ावा देने का भी फैसला लिया है। इससे मजबूत अकादमिक आधार तैयार करने में मदद मिलेगी। इसके मद्देनजर शिक्षा विभाग ने कुलपतियों से प्रस्ताव मांगा है। प्रस्ताव में यह भी जानकारी देना होगा कि उच्च शिक्षा का विकास के लिए विश्वविद्यालयों में आपके स्तर से क्या-क्या शोध, नवाचार व स्टार्ट-अप कराए जा रहे हैं? प्रत्येक विश्वविद्यालय को एक पखवारे में रिपोर्ट शिक्षा विभाग को देना है। प्रस्ताव की समीक्षा के बाद उसे अगले बजट का हिस्सा बनाया जाएगा।
स्टूडेंट एंड फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम
नए साल में उच्च शिक्षण संस्थानों में विभिन्न शैक्षणिक एवं अकादमिक गतिविधियों में शैक्षणिक, शोध, नवाचार एवं स्टार्ट-अप को बढ़ावा मिलेगा। इससे राज्य में स्टार्ट-अप और उद्यमशीलता इकोसिस्टम को विस्तार करने में मदद मिलेगा। इसके अतिरिक्त स्टूडेंट एंड फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम भी संचालित होंगे। शिक्षा विभाग ने उच्च शिक्षा के लिए रोडमैप तैयार किया है उसमें मैनेजमेट और टेक्नोलाजी एवं पीएचडी के विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट एंड फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम को शामिल किया है। इस प्रोग्राम के तहत प्रदेश के विश्वविद्यालयों के शिक्षक व विद्यार्थी दूसरे राज्यों में शोध व नवाचार और शैक्षणिक गुणवत्ता आदि गतिविधियों में शामिल होिंगे।

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