जागरण संवाददाता, पटना : शास्त्रीनगर थाना पुलिस के हत्थे चढ़े चोर गिरोह के तीनों शातिर पिछले आठ माह में 45 से अधिक घर और फ्लैट का ताला तोड़ लाखों रुपये का सामान चुरा चुके हैं। चोरी की ज्वेलरी को पटना में ही दो सराफा कारोबारी को बेच देते थे। उस कारोबारी की पुलिस ने पहचान भी कर ली है। तीनों के पास से बरामद एक कार और एक पिकअप वैन भी चोरी के गहने बेचकर खरीदी गई थी। उसी गाड़ी से तीनों चोरी करने जाते थे। गिरोह पिछले छह माह में शास्त्रीनगर में 12 चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका है।  घटनास्थल का सत्यापन कराने के लिए तीनों के साथ पुलिस मौके पर भी गई थी। तीनों की गिरफ्तारी फुटेज के आधार पर हुई है।

तीनों का नहीं है खुद का घर, बदलते रहते हैं ठिकाना 

गिरफ्तार कुंदन, सुनील और बंटी पटना और कोलकाता में किराये के घर में रहते हैं। तीनों का बचपन रेलवे स्टेशन के किनारे गुजरा और होश संभालते ही पाकेटमारी शुरू कर दी। तीन साल पहले तीनों कोलकाता में एक चोर गिरोह के साथ घूमकर दूसरे राज्यों में चोरी करने जाते थे। करीब डेढ़ साल पूर्व तीनों उस गिरोह से अलग हो गए। पटना में ही किराये का कमरा लेकर रहने लगे। महीने में दो तीन बड़ी चोरी के बाद सामान को दूसरे राज्यों में बेच देते थे, जबकि ज्वेलरी को पटना में ही बेच देते थे। गिरोह में यहीं तीनों थे, जबकि दो अन्य को सिर्फ रेकी के लिए साथ रखते थे। 

पटना से खरीदी थी नई कार, गांजा भी बेचते थे तीनों 

बरामद कार और पिकअप वैन पटना से खरीदी गई थी। पिछले आठ में हुई चोरी के दौरान पुलिस के हाथ कई फुटेज लगे, जिसमें हर जगह एक ही कार और वहीं पिकअप वैन दिख रही थी। फुटेज में वाहन और हुलिया के आधार पर पुलिस इनकी तलाश में जुटी थी। गैंग एक  वारदात को अंजाम देने के बाद कार और पिकअप वैन को दूसरे जिला में छिपा देते थे। वाहन का इस्तेमाल सिर्फ चोरी में करते थे। दो दिन पूर्व तीनों को वाहन चेकिंग के दौरान उसी कार के साथ पकड़ा गया था। तब तीनों किसी से गांजा खरीदने जा रहे थे। 

Edited By: Akshay Pandey