पटना, जेएनएन। पटना लॉ कॉलेज में नैक एक्रिडेशन के लिए पहुंची दो सदस्यीय टीम ने शिक्षकों से पूछा कि आप बेहतर पढ़ाते हैं तो छात्र कक्षा में नियमित क्यों नहीं आते हैं? वहीं, छात्रों से जानना चाहा कि कौन-कौन शिक्षक नियमित कक्षा में आते हैं। कितने घंटे पढ़ाते हैं? कक्षा के बाद उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कितना समय देते हैं? कोर्स के अतिरिक्त क्या-क्या बताते हैं? कोई ऐसी घटना जब शिक्षकों ने किसी प्रश्न के जवाब देने से मना कर दिया हो आदि।

लेकिन, छात्र और शिक्षक दोनों ने टीम को संतोषजनक जवाब दिया। पहले दिन सुबह साढ़े नौ बजे टीम ने कॉलेज में प्रवेश किया। प्राचार्य प्रो. मोहम्मद शरीफ ने पावर प्वॉइंट प्रेजेंटेशन से टीम को कॉलेज में उपलब्ध सुविधा, छात्र, शिक्षक, शोध व अन्य मानकों की जानकारी दी। टीम ने प्रेजेंटेशन से संबंधित कई प्रश्न किए, कई के प्रमाण भी उपलब्ध कराने को कहा। इसके बाद क्लास रूम का निरीक्षण किया। छात्रों की कम उपस्थिति पर असंतोष जाहिर किया।

क्लास रूम से निकलने के बाद शिक्षकों के बैठक कर उनकी दुश्वारियों को जाना। लंच के बाद टीम ने लाइब्रेरी और मूट कोर्ट का निरीक्षण किया। परीक्षा में कितनी बार चोरी करते हैं स्टूडेंट मीट में छात्रों ने ताली बजाकर टीम का स्वागत किया। टीम ने छात्रों से रजिस्टर में उपस्थिति कम होने, परीक्षा में कितनी बार चोरी करते हैं, कक्षा में नियमित आने के लिए क्या सुविधा चाहिए? आदि प्रश्न पूछे।

छात्रों ने चोरी के सवाल पर ठहाका लगाकर जवाब दिया। बोले, सर चोरी करते तो दर्जनों हर साल प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल नहीं होते। यहां का गौरवपूर्ण इतिहास है। दर्जनों एलुमिनाई वर्तमान में हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति हैं।

Posted By: Akshay Pandey

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