पटना, राज्‍य ब्‍यूरो। Bihar CAG Report: बिहार में सीएजी ने पथ परिवहन निगम के अधिकारियों का बड़ा खेल पकड़ा है। कैग के मुताबिक निगम ने सुल्तान पैलेस की संपत्ति का दाम मनमाने तरीके से बढ़ा दिया। रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पथ परिवहन निगम के मृत और सेवा निवृत कर्मियों के वेतन और पेंशन लाभ मद में 318 करोड़ रुपये ऋण दिया गया था। मार्च 2018 तक निगम पर बकाया ऋण 874.81 करोड़ रुपये था। निगम की भौतिक संपत्ति का मूल्य 615 करोड़ रुपये दर्शाया गया था। ऋण की राशि मिलान करने के लिए सुल्तान पैलेस की अधिग्रहण की जाने वाली भूमि की कीमत बढ़ाकर 874 करोड़ रुपये कर दी गई। महालेखाकार ने कहा कि तथ्य यह है कि बिहार सरकार दोनों संपत्ति पहले से प्राप्त कर चुकी थी। रिपोर्ट में अन्‍य विभागों की गड़बड़ियां भी सामने आई हैं।

लोक उपक्रमों में वित्तीय गड़बड़ी का ब्योरा

महालेखाकार ने कहा है कि पुल निर्माण निगम ने प्रविधान का उल्लंघन कर फ्लाई ओवर का निर्माण शुरू किया। तकनीकी स्वीकृति के पहले ही संवेदकों को 66.25 करोड़ रुपये भुगतान किया। अनुबंध के बिना मेसर्स फाउंडेशन फार इनोवेशन एंड टेक्नोलाजी ट्रासंफर आइआइटी दिल्ली को 4.08 करोड़ रुपये भुगतान किया। महालेखाकार ने बताया कि साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी 2.10 करोड़ आय प्राप्त करने में विफल रही। नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को वर्ष 2016 से 2019 के बीच 1.02 करोड़ राजस्व हानि हुई।

बिहार रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन द्वारा अस्वीकार्य मदों पर सेंटेज के कारण 23.97 करोड़ का अतिरिक्त आयकर भुगतान करना पड़ा। राजकोष पर करीब 61.73 करोड़ का भार बढ़ा। कारपोरेशन के बचत खाते में आटो स्वीप की सुविधा न होने से 14.56 करोड़ का ब्याज हानि हुई। इसी तरह बिहार स्टेट इलेक्ट्रानिक डेवलपमेंट कारपोरेशन और शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम में वित्तीय अनियमितता का उल्लेख किया है।

भूमि के मुआवजा में कपटपूर्ण भुगतान

महालेखाकार ने सारण और मुंगेर जिला में राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण में कपटपूर्ण करोड़ों रुपये के मुआवजा भुगतान का पर्दाफाश किया है। सारण जिला में बिना दस्तावेज सत्यापन के ही 48 करोड़ रुपये छह लोगों को भुगतान किया गया। इसी तरह मुंगेर जिला में एनएच के लिए भूमि अर्जन में 70.44 करोड़ रुपये धोखाधड़ी कर भुगतान किए जाने का मामला पकड़ा गया है।