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जम्मू से दहिया तो हाजीपुर से सोनू और मिथुन गिरफ्तार, TET पेपर लीक मामले में एक्शन में मुंबई SIT

Published: Fri, 03 Jul 2026 01:18 AM (IST)

मुंबई एसआईटी ने महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में देशव्यापी छापेमारी कर जम्मू से कपिल दहिया और हाजीपुर से सोनू व मिथुन को गिरफ्तार किया है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. मुंबई एसआईटी ने टीईटी पेपर लीक में देशव्यापी छापेमारी की।

  2. जम्मू से कपिल दहिया, हाजीपुर से सोनू-मिथुन गिरफ्तार हुए।

  3. मुख्य सरगना बिजेंद्र गुप्ता अंतरराज्यीय परीक्षा माफिया घोषित।

जागरण संवाददाता, पटना। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रश्नपत्र लीक मामले में मुंबई पुलिस की विशेष जांच टीम ने बिहार के हाजीपुर से लेकर जम्मू और दिल्ली तक ताबड़तोड़ छापेमारी की है।

इस कार्रवाई के तहत जहां जम्मू से मुख्य सरगना के सबसे खास गुर्गे को दबोचा गया, वहीं मंगलवार की देर रात बिहार के हाजीपुर में एक साइबर कैफे में छापेमारी कर दो प्रमुख आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

मुंबई एसआईटी ने मंगलवार की देर रात पहले पटना और उसके बाद वैशाली जिले के हाजीपुर में छापेमारी की। पुलिस ने हाजीपुर में चल रहे एक साइबर कैफे पर धावा बोलकर उसके संचालक सोनू सिंह और मिथुन सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने इस साइबर कैफे से भारी मात्रा में संदिग्ध डॉक्यूमेंट, कंप्यूटर और अन्य संबंधित सामान भी जब्त किया है। इस सिंडिकेट को तोड़ने के लिए मुंबई एसआईटी की एक टीम दिल्ली में भी डेरा डाले हुए है।

दिल्ली से पुलिस ने विक्की नाम के एक युवक को हिरासत में लिया। विक्की से हुई कड़ी पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर ही एसआईटी ने जम्मू में छापेमारी कर मुख्य सरगना बिजेंद्र के सबसे खास और हरियाणा के रहने वाले कपिल दहिया को गिरफ्तार कर लिया है।

जांच में यह बात सामने आई है कि सोनू सिंह और मिथुन सिंह को इस पूरे लीककांड की पूरी जानकारी थी। ये दोनों मुख्य सरगना बिजेंद्र गुप्ता के साथ हुई गुप्त मीटिंगों में भी शामिल हुए थे।

इन दोनों ने मिलकर मुख्य सरगना बिजेंद्र और हरियाणा के कपिल दहिया के लिए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जाली दस्तावेज तैयार कर उपलब्ध कराए थे।

दिल्ली के साकेत इलाके से हिरासत में लिया गया एक दुकानदार

इसके साथ ही, एसआइटी ने दिल्ली के साकेत इलाके से एक दुकानदार को भी हिरासत में लिया है। जांच में पता चला है कि इस दुकानदार का बिजेंद्र और कपिल दहिया के साथ पैसों का बड़ा लेनदेन था।

यह दुकानदार फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हवाई टिकट बनाकर आरोपितों को इधर-उधर भागने में मदद कर रहा था। वहीं हाजीपुर से गिरफ्तार कैफे संचालक सोनू सिंह से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने उसके दो दोस्तों, मोहन और विमल को भी हिरासत में लिया है, जिनसे एसआईटी पूछताछ कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, हाजीपुर में 2009 से साइबर कैफे चला रहा सोनू कुमार मूल रूप से वैशाली के सहदेई का रहने वाला है। सोनू का भाई विकास पटना में साइबर कैफे चलाता है और पुलिस अब उसकी भी तलाश कर रही है।

विकास पहले बिहार बोर्ड में डाटा ऑपरेटर के पद पर काम कर चुका है, जबकि सोनू की पत्नी सचिवालय में डाटा ऑपरेटर के रूप में कार्यरत है।

संगठित आपराधिक सिंडिकेट घोषित

महाराष्ट्र पुलिस ने आधिकारिक तौर पर माना है कि बिजेंद्र गुप्ता एक शातिर अंतरराज्यीय परीक्षा माफिया है, जिसका नेटवर्क बिहार, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में फैला हुआ है।

पुलिस इस पूरे गिरोह को एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट मान रही है। मुख्य सरगना बिजेंद्र गुप्ता के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।

बिजेंद्र पिछले 25 सालों से परीक्षा पेपर लीक कराने के इस काले गोरखधंधे में शामिल रहा है। इस दौरान उसने पटना, समस्तीपुर और दिल्ली सहित देश के कई शहरों में करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति बनाई है।

महाराष्ट्र पुलिस की एक विशेष टीम अब बिजेंद्र की देशभर में फैली इस काली कमाई और संपत्तियों का आकलन कर रही है, जिसे जल्द ही कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त किया जाएगा।

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