विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार के PDS डीलरों के लिए तेजस्वी यादव ने उठाई आवाज, 30 हजार मानदेय समेत CM सम्राट चौधरी से की 8 बड़ी मांगें

Published: Wed, 09 Sep 2026 12:55 PM (IST)

तेजस्वी यादव ने बिहार के जन वितरण प्रणाली (PDS) विक्रेताओं की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा ...और पढ़ें

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लिखा पत्र। फाइल

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लिखा पत्र। फाइल

HighLights

  1. तेजस्वी ने PDS डीलरों की समस्याओं पर CM को पत्र लिखा।

  2. 30,000 रुपये मासिक मानदेय सहित आठ सूत्री मांगें उठाईं।

  3. लंबित कमीशन भुगतान, भ्रष्टाचार रोकने की भी मांग की।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य के जन वितरण प्रणाली (PDS) विक्रेताओं की लंबे समय से लंबित आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक पत्र लिखा है।

इस पत्र में तेजस्वी ने पीडीएस विक्रेताओं को सार्वजनिक वितरण व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनकी आठ सूत्री मांगों पर तत्काल सकारात्मक और समयबद्ध निर्णय लेने का आग्रह किया है।

लिखा है कि रिकार्ड तोड़ महंगाई, बढ़ती प्रशासनिक कठिनाइयों, कमीशन के भुगतान में देरी और तकनीकी समस्याओं के कारण पीडीएस विक्रेता और उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

उन्होंने सरकार से इन समस्याओं के स्थायी और त्वरित समाधान की मांग की है। पत्र के अंत में उन्होंने आशा जताई है कि बिहार सरकार पीडीएस विक्रेताओं की इन उचित मांगों पर संवेदनशीलता और गंभीरता से विचार करते हुए जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक कदम उठाएगी।

तेजस्वी की प्रमुख मांगें

  1. 30,000 रुपये प्रति माह मानदेय: गुजरात की तर्ज पर बिहार के पीडीएस विक्रेताओं को भी न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रति माह का निश्चित मानदेय दिया जाए।
  2. अनुकंपा नियुक्ति: झारखंड की तर्ज पर अनुकंपा नियुक्ति की समय-सीमा को समाप्त कर पात्र आश्रितों को नौकरी देने का प्रविधान सुनिश्चित किया जाए।
  3. लंबित कमीशन का भुगतान: पिछले छह महीने से लेकर एक वर्ष तक के रुके हुए कमीशन का तुरंत भुगतान किया जाए।
  4. बढ़े हुए कमीशन को लागू करना: विधानसभा चुनाव से पहले पीडीएस विक्रेताओं के कमीशन में 47 रुपये की वृद्धि की घोषणा की गई थी। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी यह राशि नहीं मिली है, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू कर बकाया भुगतान किया जाए।
  5. भ्रष्टाचार पर रोक: बिहार राज्य खाद्य निगम के गोदामों में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितता और घटतौली (कम राशन तौलने) की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई कर पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए।
  6. तकनीकी खामियों का समाधान: माप-तौल, ई-पास मशीन और सर्वर से जुड़ी समस्याओं का रियल-टाइम समाधान किया जाए, ताकि विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को परेशानी न हो
  7. प्रशासनिक उत्पीड़न पर रोक: पीडीएस व्यवस्था से जुड़े अनावश्यक प्रशासनिक दबाव और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। साथ ही, जिला और प्रखंड स्तर पर एक प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली बनाई जाए।
  8. त्रिपक्षीय बैठक का आयोजन: समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सरकार, विभागीय अधिकारियों और फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच नियमित रूप से त्रिपक्षीय बैठकें आयोजित की जाएं।