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बिहार राज्‍यसभा चुनाव: क्‍या RJD ने जुटा लिए 6 विधायक? तेजस्‍वी यादव के दावे ने बढ़ाया सस्‍पेंस

Published: Thu, 26 Feb 2026 05:31 PM (IST)

Bihar Politics: राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन शुरू होते ही बिहार की राजनीति गरमा गई है। तेजस्वी यादव ने महागठबंधन ...और पढ़ें

तेजस्‍वी यादव ने क‍िया जीत का दावा। फाइल

तेजस्‍वी यादव ने क‍िया जीत का दावा। फाइल

डिजिटल डेस्क, पटना। Rajya Sabha Chunav: बिहार की पांच सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू होते ही बिहार की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है।

एनडीए और महागठबंधन दोनों खेमों में रणनीतिक बैठकों का दौर जारी है। इसी बीच राजद के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं।

तेजस्वी यादव ने राज्यसभा चुनाव में जीत का दावा करते हुए कहा है कि महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्याबल है। उम्मीदवार कौन होगा, यह कुछ दिनों में तय कर लिया जाएगा।

संख्याबल को लेकर उनके दावे के बाद सियासी गलियारों में ‘खेला’ की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है। इससे पूर्व गुरुवार को विधानसभा स्थित अपने कक्ष में तेजस्वी यादव ने घटक दलों के नेताओं और विधायकों के साथ बैठक की।

माना जा रहा है कि महागठबंधन एकजुट होकर उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसके संकेत खुद तेजस्वी ने भी दिए।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, 'राज्यसभा चुनाव को लेकर हमारी पूरी तैयारी है। हम चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। उम्मीदवार का फैसला जल्द कर लिया जाएगा। संख्याबल हमारे पक्ष में है।'

संख्याबल का गणित और चुनौती

हालांकि आंकड़ों पर नजर डालें तो राजद के 25, कांग्रेस के 6, वाम दलों के 3 और आईआईपी के 1 विधायक को मिलाकर महागठबंधन की कुल संख्या 35 होती है।

एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए तेजस्वी को अभी भी छह अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।इसी कारण उनकी नजरें अब AIMIM और BSP पर टिकी हैं। हालांकि इन दोनों दलों की ओर से फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है।

उधर, NDA को मौजूदा समीकरण के अनुसार तीन अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। लेकिन यदि उम्‍मीदवार को अतिरिक्त वोट देने का निर्णय हुआ तो यह आंकड़ा बदल भी सकता है।

निर्विरोध या मतदान?

अगर पांच सीटों पर पांच ही उम्मीदवार मैदान में रहते हैं, तो राज्यसभा चुनाव निर्विरोध संपन्न हो जाएगा। लेकिन यदि छठा या सातवां उम्मीदवार उतरता है, तो मतदान तय माना जा रहा है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम होने वाले हैं।