चंद्रशेखर, पटना। बिहार की राजधानी से होकर लक्जरी ट्रेनों का परिचालन होगा। इनमें तेजस व वंदे भारत समेत अन्य कई प्रमुख गाड़ियां शामिल हैं। इसके साथ ही किसी यात्री की दुर्घटना में मृत्यु होने पर 25 लाख तथा सामान चोरी होने पर 1 लाख तक का मुआवजा भी मिलेगा। वहीं ट्रेन के एक घंटे तक विलंब से चलने पर 100 तथा दो घंटे से अधिक विलंब होने पर यात्री को 250 रुपये दिए जाएंगे। राज्य के कई प्रमुख स्टेशनों से आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेनें चलाने के लिए बड़ी निजी कंपनियां दिलचस्पी ले रही हैं।

प्रस्ताव पर शीघ्र ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद

नीति आयोग की ओर से रेलवे को बिहार से गुजरने वाले 15 रूटों पर नई ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव दिया गया है। इनमें से कुछ रूटों पर हाई स्पीड ट्रेनें भी चलाने पर मंथन चल रहा है। नीति आयोग की ओर से देश के 100 प्रमुख रेल रूटों पर 150 से अधिक निजी ट्रेनों का परिचालन प्रस्तावित है। इस प्रस्ताव पर शीघ्र ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद रेलवे की ओर से टेंडर निकाला जाएगा।

बिहार में निजी ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव

1. पटना-हदसर-पटना- साप्ताहिक

2. उधना-पटना-उधना-साप्ताहिक

3. इंदौर-दानापुर-इंदौर-त्रि साप्ताहिक

4. नई दिल्ली - पटना-प्रतिदिन

5. गया-आनंदविहार-त्रि साप्ताहिक

6. पनवेल - पटना-साप्ताहिक

7. दरभंगा-जोगेश्वरी-साप्ताहिक

8. पाटलिपुत्र- तिरुचिरापल्ली 5 दिन

9.कटिहार - तिलकब्रिज-त्रिसाप्ताहिक

10.किशनगंज-तिलकब्रिज-साप्ताहिक

11.बरौनी आनंदविहार -द्वि साप्ताहिक

12.हावड़ा-पटना-प्रतिदिन

13.आनंदविहार-छपरा-द्वि साप्ताहिक

14.आनंदविहार दरभंगा-साप्ताहिक

15.आनंदविहार भागलपुर-साप्ताहिक

15 रूटों पर ट्रेनों के परिचालन का प्रस्ताव

निजी कंपनियों में रिलायंस, अडानी, टाटा व अन्य बड़ी कंपनियां अब आइआरसीटीसी को निजी ट्रेनों के परिचालन में टक्कर देने के मूड में है। बिहार से होकर गुजरने वाले 15 रूटों पर ट्रेनों के परिचालन का प्रस्ताव है। पूर्व-मध्य रेल क्षेत्र के विभिन्न स्टेशनों से एक दर्जन निजी ट्रेनों के चलाने का प्रस्ताव दिया गया है। सबकुछ ठीक रहा तो इन रेल रूटों पर शीघ्र ही तेजस व वंदे भारत जैसी लक्जरी ट्रेनें चलने लगेंगी। इससे बड़े शहरों में जाने के लिए यातायात का मार्ग सुगम होगा।

आइआरसीटीसी को दी जा सकती है ट्रेन चलाने अनुमति

पूर्व-मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधा व तेज गति से गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कुछ रेलरूटों पर आइआरसीटीसी को ट्रेन चलाने की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए पूर्व-मध्य रेल के भी कुछ रेलरूटों पर प्रस्ताव आया है। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

Posted By: Akshay Pandey

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस