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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एनआइटी 'एंट्रेप्रेनेरिया' में टीम रसोई ने मारी बाजी

By JagranEdited By:
Published: Sat, 23 Feb 2019 11:23 PM (IST)

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) में शनिवार को एंट्रेप्रेनेरिया में छात्रों ने दिखाया दमखम।

एनआइटी 'एंट्रेप्रेनेरिया' में टीम रसोई ने मारी बाजी
एनआइटी 'एंट्रेप्रेनेरिया' में टीम रसोई ने मारी बाजी

पटना। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) में शनिवार को 'एंट्रेप्रेनेरिया' में छात्रों ने अपनी उद्यमिता व व्यापार कौशल का प्रदर्शन किया। फाइनल में सात टीमें पहुंचीं, जिसमें 'टीम रसोई' को प्रथम स्थान मिला। टीम 'किसान जन सेवा' और टीम 'ग्रीन थंब' क्रमश: दूसरे व तीसरे स्थान पर रहीं। इन तीनों टीमों के बिजनेस प्लान को निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही इन्हें कॉलेज के इंक्यूबेशन सेंटर में मार्गदर्शन व आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। निर्णायक के रूप में अरबाब अशरफ (मैनेजिंग ट्रस्टी यूथ फाउंडेशन ऑफ इंडिया), डॉ. सम्राट मुखर्जी, फैकल्टी तथा डॉ. भारत गुप्ता शामिल थे। व्यापार प्रारूप प्रस्तुति के बाद प्रश्न-उत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया। रसोई टीम में देवाशु व अभिनव, किसान जन सेवा टीम में रजनीश, अखिल व प्रियाश, द ग्रीन थंब टीम में अतुल, अमन व इंशा, गेट योर बुक टीम में निरंजन, सौरव व राकेश ने प्रेजेंटेशन दिया। फाइनल में पहुंची आठ टीमों में प्रथम तीन को प्राइज तथा शेष को टीम को सर्टिफिकेट दिया गया। 'गेट योर बुक' की टीम पिछले तीन माह से पुरानी किताबों को जरूरतमंद तक पहुंचा रही है। स्टार्टअप को दिला रहे मंजिल: वक्ताओं ने कहा कि ई-सेल, एनआइटी के माध्यम से स्टार्टअप को मंजिल मिल रही है। इससे जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने में भी मदद मिल रही है। इंक्यूबेशन सेंटर के इंचार्ज डॉ. भरत गुप्ता ने कहा कि ई-सेल, एनआइटी पटना ने छात्र, काम करने वाले पेशेवर, उद्यमियों, निवेशकों, उद्यम कंपनियों आदि को देश में उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में मदद कर रहा है। इसी उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए पिछले तीन वर्षो से उद्यमिता को पुनर्जागृत किया जा रहा है। आयोजन में रही इनकी भूमिका: कार्यक्रम का आयोजन रजत वल्लभ (को-ऑर्डिनेटर), ईशा (को-कोऑर्डिनेटर) और शाश्वत (सीओ-कोऑर्डिनेटर) के नेतृत्व में हुआ। मंच का संचालन आयूषी और शुभिक्षा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अभिनाव, देवांशु, आर्यन, शिखर, यश, शांभवी, केतकी, आलोक, राकेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।