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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्वामी रामभद्राचार्य बोले- तीन बच्चे पैदा करें, भारत हिंदू राष्ट्र हो जाएगा; नाम लिए बिना दो बड़े नेताओं पर किया हमला

By Jagran NewsEdited By: Akshay Pandey
Published: Mon, 07 Jul 2025 01:30 PM (GMT+05:30)

पटना में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने सनातन धर्म को विश्व का आत्मा बताते हुए हिंदुओं से निर्भय रहने का आह्वान ...और पढ़ें

गांधी मैदान में आयोजित सनातन महाकुंभ में आशीर्वचन देते जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज। जागरण
गांधी मैदान में आयोजित सनातन महाकुंभ में आशीर्वचन देते जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज। जागरण

HighLights

  1. सनातन धर्म विश्व धर्म का आत्मा, निर्भय रहें हिंदू : स्वामी रामभद्राचार्य
  2. कहा, 80 प्रतिशत हिंदू आबादी के साथ ही हिंदू राष्ट्र हो जाएगा भारत

विद्या सागर, पटना। गांधी मैदान में रविवार को सनातन महाकुंभ- 2025 में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने सनातन धर्म को विश्व का आत्मा बताते हुए हिंदुओं से निर्भय रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी हिंदुओं की है। भारत हिंदू राष्ट्र बनकर रहेगा। जातिवाद को भूलकर हिंदू एक हों। तीन बच्चे उत्पन्न करें। जब देश की 80 प्रतिशत आबादी हिंदू हो जाएगी तो भारत हिंदू राष्ट्र हो जाएगा।

पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर का नाम लिए बिना कहा कि यहां के पूर्व शिक्षा मंत्री ने रामचरित मानस की निंदा की थी। मैंने उन्हें चुनौती दी कि अगर वे इसे साबित कर दें तो हम दंड लेंगे नहीं तो वे लें। ‘वंदे मातरम’ को भारत का आत्मा और सनातन संस्कृति का प्रतीक बताते हुए कहा कि भारत में वही राज करेगा जो वंदे मातरम का सम्मान करेगा। हिंदू विरोधी ताकतों को इस देश में सत्ता नहीं मिलेगी। उन्होंने सत्ता को हिंदुत्व के लिए संघर्ष करने वालों का अधिकार बताया और कहा कि जो सनातन के लिए लड़ेगा, वही इस देश का नेतृत्व करेगा।

उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि खाते-खाते जो पशु का चारा खा गए, वे कथा वाचकों को मिल रहे पद्म सम्मान पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उन्हें बता दूं कि मां सरस्वती की कृपा के कारण मुझे ज्ञानपीठ पुरस्कार भी मिल चुका है।

स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि आज चारों ओर तनाव बढ़ रहा है, लेकिन सनातनियों को डरने की जरूरत नहीं। हमें अखंड हिंदू धर्म के पथ पर निर्भय होकर चलना है। सनातन को जो बांटना चाहेगा, वह खुद बंट जाएगा। जो काटना चाहेगा, वह खुद कट जाएगा।

उन्होंने जाति जनगणना का विरोध करते हुए कहा कि जाति का जहर नेता घोल रहे हैं। इस चक्कर में मत पड़ो। बिहार चुनाव को लेकर कहा कि राम सापेक्ष्य में आने वाला चुनाव हो। राष्ट्र, राम व हिंदू विरोधियों से मोर्चा लो। विजयी संकल्प के साथ विजयी मंत्र दिया।

शांति पाठ की जगह क्रांति पाठ किया। उन्होंने कहा कि जैसे भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, वैसे ही बिहार के सीतामढ़ी में माता सीता का भव्य मंदिर बनकर रहेगा। उन्होंने कहा कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन अगर कोई सनातन को छेड़ेगा, तो हम उसे छोड़ेंगे भी नहीं।

सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण

स्वामी रामभद्राचार्य ने सनातन महाकुंभ को सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक समागम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का महापर्व है। उन्होंने युवाओं से सनातन मूल्यों को अपनाने और वैश्विक कुरीतियों के खिलाफ वैचारिक संग्राम छेड़ने की अपील की।

महाकुंभ का आयोजन भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर श्री राम कर्मभूमि न्यास एवं अखिल विश्व परशुराम महासंघ द्वारा किया गया था। उद्घाटन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने किया। 

इसमें तुलसी पीठाधीश्वर पद्मविभूषण से अलंकृत जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य की अध्यक्षता में संतों ने अपने विचार रखे। समारोह में बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री, अयोध्या हनुमान गढ़ी के स्वामी राजू दास जी महाराज, पुंडरीक जी महाराज, महामंडलेश्वर अरुण अवधूत गिरि, महामंडलेश्वर कैलाशनंद गिरि, महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि समेत देशभर के साधु-संतों की उपस्थिति रही।