पटना [राज्य ब्यूरो]। सचिवालय स्थित सभागार में ई-वे बिल का शुभारंभ करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री सुशील मोदी ने रविवार को कहा कि आज से पूरे देश में 50 हजार से अधिक मूल्य के मालों के अन्तर राज्यीय परिवहन के लिए ई-वे बिल की व्यवस्था लागू हो गई है। तीन सप्ताह के बाद देश के राज्यों के अंदर मालों के परिवहन के लिए भी इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। पिछले वर्ष जीएसटी लागू होने के बाद पहली जुलाई से पूरे देश से चेक पोस्ट हटा दिए गए थे। अब ई-वे बिल के जरिए वस्तुओं के परिवहन से कर चोरी की गुंजाइश खत्म होगी।

मोदी ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की पिछली बैठक में ई-वे बिल के प्रावधान में दर्जन से ज्यादा संशोधन किए गए हैं। फिलहाल सर्वर से प्रतिदिन 75 लाख तक ई-वे बिल जबकि आने वाले दिनों में रोजाना एक करोड़ तक जेनरेट होगा। पांच वर्ष से बिहार में लागू 'सुविधा' का ई-वे बिल के जरिए सरलीकरण हो गया है।

उन्‍होंने कहा कि कारोबारियों व ट्रांसपोर्टर्स को अब फार्म में 25 की जगह मात्र 9 फिल्ड ही भरने होंगे। कागज के फार्म भरने का झंझट जहां खत्म हो गया है, वहीं कम्प्यूटर के अलावा मोबाइल एप्लीकेशंस के जरिए भी ई-वे बिल आसानी से जेनरेट किया जा सकेगा।

कारोबारियों व ट्रांसपोर्टर्स से अपील करते हुए मोदी ने कहा कि बिना ई-वे बिल का वे मालों का परिवहन नहीं करें क्योंकि जीएसटी व्यवस्था के अन्तर्गत गड़बड़ी करके कोई बच नहीं सकता है। आवश्यकतानुसार जांच के लिए जगह-जगह अधिकारी तैनात किए जाएंगे और पकड़े जाने पर कर चोरी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कुल 3.25 लाख कारोबारी जीएसटी के तहत निबंधित हैं, इनमें नियमित करदाता 2.35 लाख हैं। कम्पोजिट स्कीम में 90 हजार लोग निबंधित है, मगर वे अपेक्षा से कम कर का भुगतान कर रहे हैं। टर्न ओवर कम दिखा कर करवंचना नहीं करें वरना सरकार हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर होगी। अपील किया कि सभी निबंधित कारोबारी समय से रिटर्न दाखिल करें।  

Posted By: Ravi Ranjan

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