पटना [राज्य ब्यूरो]। उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा है कि केंद्र सरकार के सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी हस्तक्षेप का ही परिणाम है कि एसी-एसटी के प्रमोशन में रिजर्वेशन को संविधान पीठ का अंतिम निर्णय आने तक कानून के अनुसार जारी रखने की अनुमति मिली है। भारत सरकार जल्द ही इसके लिए आदेश जारी करेगी।

सुशील मोदी ने कहा कि भाजपा और केंद्र की एनडीए सरकार का स्पष्ट मत है कि एससी/एसटी के आरक्षण में क्रीमी लेयर का प्रावधान नहीं होना चाहिए। एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में पूरी मजबूती से लड़ रही है। अगर आवश्यकता पड़ी तो सरकार अध्यादेश लाकर इसे लागू कराने में भी पीछे नहीं रहेगी।

उन्‍होंने कहा कि भाजपा का स्पष्ट मानना है कि एससी/एसटी को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए संविधान द्वारा आरक्षण दिया गया है। आरक्षण चाहे नौकरी में हो या विधायिका या फिर प्रमोशन में इसे कोई भी ताकत छीन या समाप्त नहीं कर सकती है।

मोदी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की एनडीए सरकार के दौरान ही संविधान की विभिन्न धाराओं में संशोधन कर एससी/एसटी वर्ग के कर्मचारियों के प्रमोशन में रिजर्वेशन की कठिनाइयों को दूर कर प्रोन्नति में परिणामी वरीयता का प्रावधान किया गया। बिहार में भी जब एनडीए की सरकार थी तब प्रोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई थी।

नरेंद्र मोदी की एनडीए सरकार ने ही 1979 में बने एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम को 2016 में संशोधित कर पहले की तुलना में इसे ज्यादा मजबूत, प्रभावी और कठोर बनाया है।

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