पटना [राज्य ब्यूरो]। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने एससी-एसटी एक्ट में 23 और नई धाराओं को जोड़ कर उसे और मजबूत तथा सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिथिल की गई कुछ धाराओं को संसद में बिल पारित कर पुनर्स्थापित किया, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी वैध माना। दलित उत्पीडऩ के मामले में मुआवजे की राशि में 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है। 

उन्होंने कहा कि भाजपा एससी/एसटी के लिए प्रोन्नति में आरक्षण के पक्ष तथा क्रीमी लेयर के विरोध में है। दिल्ली में तोड़े गए रविदास मंदिर की लड़ाई केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में लड़ी और मंदिर निर्माण के लिए 400 मीटर जमीन तुगलकाबाद में उपलब्ध करायी है, जिस पर बहुत जल्द निर्माण शुरू होगा।

श्रीकृष्ण मेमोरियल राज्यस्तरीय रविदास कार्यकर्ता सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि यह दुष्प्रचार किया जाता है कि भाजपा आएगी तो आरक्षण खत्म कर देगी, हकीकत है कि जब तक समाज में भेदभाव है, आरक्षण जारी रहेगा। केंद्र में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की सरकार के रहते आरक्षण को कोई छू भी नहीं सकता है। 

मोदी ने कहा कि लालू-राबड़ी की सरकार ने 2003 में संविधान की अवहेलना कर एकल पदों पर एससी-एसटी को आरक्षण दिए बिना पंचायत का चुनाव करा दिया। 2006 में जदयू-भाजपा की सरकार ने 16 प्रतिशत आरक्षण देकर चुनाव कराया, नतीजतन आज करीब 3 हजार मुखिया, सरपंच व प्रमुख दलित समाज से चुन कर आए हैं।  

उन्होंने कहा कि गरीबों के नाम पर आंसू बहाने वाले राजद-कांग्रेस के 15 वर्षों के राज में बथानीटोला, लक्ष्मणपुर बाथे,शंकरबिगहा जैसे आधे दर्जन से अधिक नरसंहारों में 155 दलित मारे गए थे। मगर जब से बिहार में एनडीए की सरकार बनी है दलितों का एक भी सामूहिक नरसंहार नहीं हुआ है।

Posted By: Rajesh Thakur

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