पटना, राज्य ब्यूरो। केंद्रीय बजट 2020-21 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इससे रोजगार सृजन, आम लोगों की आमदनी बढ़ाने में जहां मदद मिलेगी, वहीं बेहतर तरीके से मंदी का मुकाबला भी हो सकेगा। इस बजट से 15 वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर केंद्रीय करों में पिछले वर्ष की तुलना में बिहार की हिस्सेदारी में 15 हजार करोड़ की वृद्धि होगी।

 मोदी ने कहा कि एनके सिंह की अध्यक्षता वाले 15 वें वित्त आयोग की अनुशंसा को 2020-21 के बजट में शामिल करने के परिणामस्वरूप केंद्रीय करों में बिहार की हिस्सेदारी 0.396 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2019-20 की 9.665 प्रतिशत की तुलना में बढ़ कर 2020-21 में 10.061 प्रतिशत हो गई है। इससे पिछले साल जहां केंद्रीय करों में बिहार की हिस्सेदारी के तौर पर 63,406 करोड़ का प्रावधान था, वहीं इस साल बिहार का हिस्सा 15 हजार करोड़ की वृद्धि के साथ 78,896 करोड़ होगा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 15 वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा है कि 14 वें वित्त आयोग ने जहां केवल ग्राम पंचायतों के लिए अनुदान का प्रावधान किया था, वहीं 2020-21 के बजट में पंचायती राज की त्रितरीय संस्थाओं ग्राम पंचायत, प्रखंड समिति और जिला परिषद के लिए अनुदान के प्रावधान से बिहार जैसे राज्य को काफी लाभ मिलेगा। वित्त आयोग की अनुशंसा पर बजट में ग्राम पंचायती राज के लिए 5018 करोड़, नगर निकायों के लिए 2416 करोड़ व आपदा प्रबंधन केलिए 1888 करोड़ का प्रावधान किया गया है।  

मोदी ने कहा कि पूरे देश में पिछले वर्ष की तुलना में 20-21 में पंचायती राज संस्थाओं के बजट में 11 हजार करोड़, नगर निकायों के लिए 4500 करोड़ और आपदा प्रबंधन अनुदान में 10062 करोड़ की वृद्धि का सर्वाधिक लाभ बिहार जैसे राज्य को मिलेगा। 

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