पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अत्यधिक गर्मी, लू और चमकी बुखार से बड़ी संख्या में बच्चों-बुजुर्गों की मृत्यु हर संवेदनशील व्यक्ति को विचलित करने वाली है। सरकार ने पीडि़तों की मदद और बचाव के लिए तेजी से कदम भी उठाए। एईएस का इलाज मुफ्त किया गया। रोगी को अस्पताल लाने का खर्च देने का निर्णय हुआ। मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये देने की शुरूआत की गई और दर्जन भर लोगों तक यह राशि पहुंचा भी दी गई। उन्‍होंने पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी के बयान पर पलटवार किया तथा कहा कि बच्‍चों की चिता पर राजद नेता राजनीति कर रहे हैं।  

मोदी ने मंगलवार को एक ट्वीट में कहा कि एहतियात के तौर पर दिन के 10 बजे से शाम के पांच बजे तक सरकारी- गैर सरकारी निर्माण पर रोक लगी। स्कूल-काॅलेज 24 जून तक बंद कर दिए गए। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौती को देखते हुए मुजफ्फरपुर में 100 बेड का अस्पताल बनाने का फैसला किया गया।

मोदी ने कहा सरकार हर संभव उपाय कर रही है, लेकिन जिन्होंने 15 साल के अपने शासन में सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कालेजों को आवारा पशुओं का तबेला बना दिया था, वे बच्चों की चिता पर राजनीति की रोटियां सेंकने निकल पड़े हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजद के लोगों को हाल के लोकसभा चुनाव के दौरान अमर्यादित टिप्पणी और तथ्यहीन आरोप लगाने के कारण जनता ने जीरो पर आउट किया, लेकिन मात्र 22 दिन बाद मौका मिलते ही उनकी पुरानी बोली फूटने लगी।

मोदी ने कहा कि राबड़ी देवी बताएं कि उनके शासन में मेडिकल कालेजों की क्या दशा थी। एक पूर्व मुख्यमंत्री से लोग जानना चाहेंगे कि हाल में चमकी बुखार से 1000 बच्चों की मौत के आंकड़े का आधार क्या है। क्या मौत के मनगढ़ंत आंकड़े पेश करना किसी जिम्मेदार व्यक्ति का काम हो सकता है।

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Posted By: Rajesh Thakur