पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने रविवार को कहा कि 1990 के दशक में कारसेवकों पर गोली चलवा कर मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश में जैसा दमन चक्र चलाया था और श्रीराम का जयघोष रोकने की कोशिश में लोगों को जेल पहुंचाया था, वही स्थिति ममता बनर्जी ने आज पश्चिम बंगाल में पैदा कर दी है। बिहार में लालू प्रसाद ने भी जब मुलायम बनने की कोशिश की थी, तब राज्य में भ्रष्टाचार व अपराध का ग्राफ बढऩे के साथ विकास ठप हुआ था। उन्‍होंने कहा कि मुलायम और लालू प्रसाद की तरह ममता बनर्जी के राज का सूरज भी डूबने वाला है। 

सुशील मोदी ने कहा कि वे टीएमसी कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी, शासन में भ्रष्टाचार, चिटफंड घोटाला, बढ़ती बेरोजगारी और लोकसभा चुनाव के झटके से ध्यान हटाने के लिए हिंसा की राजनीति पर उतर आयी हैं। जय श्रीराम बोलने वालों को धमकी, भाजपा समर्थकों की हत्याएं, विजय रैली पर लाठीचार्ज, डाक्टरों से मारपीट और हिंदीभाषियों के खिलाफ  लोगों को उकसाना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जमीन खिसकने का संकेत है।  

वहीं उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मुजफ्फरपुर व औरंगाबाद स‍हित अन्‍य जिलों में हो रही प्राकृतिक मौतों पर कहा कि इस साल अत्यधिक गर्मी, लू और दिमागी बुखार से मरने वाले बच्चों-बुजुर्गों की बढ़ती संख्या ऐसी बड़ी प्राकृतिक विपदा के रूप में सामने है कि जीवन बचाने के मानवीय प्रयास भी कम पड़ गए। इस परिस्थिति में सरकार ने पीडि़तों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। 

उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि दिमागी बुखार की सटीक वजह अमेरिकी डॉक्टरों की टीम भी नहीं खोज पायी, जिससे बच्चों का इलाज चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। गर्मी, लू और एईएस (एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम) से मरने वालों के परिवार को 4-4 लाख रुपये देने का फैसला पीडि़तों का दुख बांटने की हमारी विनम्र कोशिश भर है। 

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Posted By: Rajesh Thakur

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