पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने रविवार को ट्वीट कर कहा है कि बिहार कांग्रेस 20 सालों से लालू-राबड़ी की पालकी ढो रही है और 'जय कन्हैया लाल की' का नारा लगा रही है, लेकिन अब तक वह दो बातें नहीं समझ पाई कि लालू प्रसाद कभी विश्वसनीय नहीं हो सकते।  गरीबों का नाम लेकर परिवार के लिए प्रापर्टी बनाना ही उनका पहला मकसद है।  

लालू प्रसाद बताएं कि जब लाखों लोग पलायन कर रहे थे, तब उन्होंने अपनी नौकरी क्यों नहीं छोड़ी? आरोपपत्र दायर होने से जब उनकी नौकरी गई, तब अपनी नौकरी पत्नी के अलावा किसी और को क्यों नहीं दी? 

उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना कर आर्यभट्ट के सम्मान में कई काम किए। यह विडम्बना ही है कि जो दल आर्यभट्ट का नाम लेकर राजनीति करना चाह रहे हैं, उनलोगों ने केवल चरवाहा विद्यालय खुलवाए और नेतृत्व ऐसे व्यक्ति को सौंपा, जो दसवीं पास भी नहीं है। 

मोदी ने दूसरे ट्वीट में कहा कि राज्य सरकार ने असमय वर्षा का पूर्वानुमान कर फसलों के नुकसान की भरपाई में किसानों की मदद के लिए 20 दिन पहले ही 60 करोड़ की राशि रिलीज कर दी। सभी जिलों के कृषि अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए नुकसान का जायजा लिया गया है। इनपुट अनुदान के लिए 1 लाख 41 हजार से ज्यादा किसानों के आवेदन भी प्राप्त हो गये हैं। सरकार संकट में किसानों के साथ मुस्तैदी से खड़ी है, लेकिन कुछ लोग केवल ट्वीट कर किसान प्रेमी बन रहे हैं। 

Posted By: Rajesh Thakur

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