पटना, जेएनएन। सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड मामले में जांच के लिए मुंबई गई पटना पुलिस की चार सदस्यीय टीम वापस लौट आई है। हालांकि, सिटी एसपी विनय तिवारी को अभी भी मुंबई के गोरेगांव स्थित गेस्ट हाउस में क्वारंटाइन करके रखा गया है। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद भी बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने उन्हें अबतक नहीं छोड़ा है। इस मसले पर डीजीपी के सामने आइजी (सेंट्रल) ने बीएमसी के अधिकारी को फोन भी किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। गुरुवार को बिहार पुलिस की तरफ से इस मामले में आइपीएस अफसर को छोड़ने का अनुरोध करते हुए दूसरी बार बीएमसी को एक पत्र भेजा गया है।

 

अब सीबीआइ के पास है मामला


सूत्रों की मानें तो बीएमसी को बिहार पुलिस की तरफ से ये आखिरी पत्र भेजा गया है। एडीजी मुख्यालय जितेंद्र कुमार ने बीएमसी के कमिश्नर इकबाल सिंह चहल को पत्र लिखा है। एडीजी मुख्यालय ने साफ लिखा है कि मामला अब सीबीआइ के पास जांच के लिए जा चुका है। ऐसे में आइपीएस विनय तिवारी को पटना लौट जाना है। इसलिए उन्हें अविलंब छोड़ा जाना चाहिए। लेकिन सिटी एसपी विनय तिवारी के मामले में आगे क्या होगा ये अभी तक साफ नहीं हो सका है।

 

टीम के साथ तीन घंटे तक हुई समीक्षा


मुंबई से लौटी पुलिस टीम के साथ सेंट्रल रेंज के आइजी संजय सिंह ने सुशांत सिंह राजपूत मामले में करीब तीन घंटे तक समीक्षा कर हर बिंदु पर बात की और दस्तावेजों को देखा। पटना पुलिस मामले की सभी जानकारी इकट्ठा की जा रही है, ताकि इसे जरूरत पड़ने पर सीबीआइ को सौंपा जा सके। इस वजह से पुलिस अधिकारी जांच से जुड़ी किसी जानकारी को मीडिया से शेयर करने से बच रहे हैं। गौरतलब हो कि बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को मुंबई में आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद 25 जुलाई को पटना के राजीव नगर थाने में सुशांत के पिता केके सिंह ने रिया और उनके स्वजन के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई थी। 

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