पटना [जेएनएन]। पटना में भी सूरत के कोचिंग संस्‍थान में हुए भयानक हादसे की पुनरावृत्ति होते-होते बची। यहां एक बिल्डिंग में अचानक आग लगी। उस समय चौथी मंजिल पर गर्ल्‍स हॉस्टल की सात लड़कियां और तीसरी मंजिल पर एक बुजुर्ग फंसे हुए थे। लोहे की सीढ़ी के सहारे स्थानीय लोगों की पहल से उन्‍हें सुरक्षित निकाला गया। 
घटना पटना के कदमकुआं स्थित नया टोला में पारस कंपाउंड में निर्मित एक आवासीय बिल्डिंग की है। वहां आपदा प्रबंधन के इंतजाम नहीं किए गए हैं। आग से बचाव के लिए फायर सिस्टम भी लगा नहीं मिला।

सहमीं छात्राओं ने सुनाई दास्‍तान
मंगलवार को हुई घटना के समय गर्ल्‍स हॉस्टल में सात छात्राएं मौजूद थीं। बचकर निकलीं नालंदा की पल्लवी भारती, समस्तीपुर की वंदना कुमारी और पूजा कुमारी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। उन्‍होंने बताया कि उस वक्त कोई पढ़ाई कर रहा था तो कोई बातचीत, तभी कमरे में धुआं भर गया। जब सभी ने बाहर आकर देखने का प्रयास किया तो नीचे आग की लपटें उठ रही थीं। एक ही सीढ़ी थी, वह भी एक मीटर की। कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।
हादसे के कारण भयभीत छात्राओं ने बताया कि कोई रास्‍ता नहीं देख वे वापस कमरे में आ गईं। लगा कि बिल्डिंग से कूद जाते हैं, किस्मत रहेगी तो जान बच जाएगी। सीढ़ी के रास्ते बाहर जाने का प्रयास किया। सीढ़ी के रास्ते चौथी मंजिल से दूसरी बिल्डिंग में जाने के दौरान सांसें अटकी हुईं थीं। अगर पैर फिसल गया या हाथ से सीढ़ी छूट गई तो जान जा सकती थी।

आवासीय बिल्डिंग में दुकान, गोदाम, आवास और हॉस्टल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकांश बिल्डिंग का यही हाल है। किसी बिल्डिंग की सीढ़ी इतनी चौड़ी भी नहीं कि तीन लोग एक साथ आ जा सकें। आवासीय बिल्डिंग में ही आवास और दुकान से लेकर गोदाम तक बनाए गए हैं। कोचिंग व हॉस्टल भी चल रहे हैं। तारों का मकडज़ाल भी है। बिल्डिंग में फायर सिस्टम भी नहीं लगा है।

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Posted By: Amit Alok

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