पटना [राज्य ब्यूरो]। सर्वशिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले कक्षा एक से आठ के बच्चों को किताब के बदले नकद पैसे देने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। शैक्षणिक सत्र 2017-18 के लगभग समाप्त होने के बाद भी किताब मद की राशि न मिल पाने के बाद की स्थिति को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कई शैक्षणिक सत्रों में यह बात निकल कर आई कि सत्र शुरू होने के छह माह बाद भी स्कूली बच्चों को किताबें नहीं मिल पाती हैं। समस्या को बढ़ता देख यह रणनीति बनाई गई कि शैक्षणिक सत्र 2018-19 से बच्चों को किताब की जगह किताब मद की राशि दी जाए।

प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया। जिस पर केंद्र ने सहमति दे दी है। आदेश मिलते ही राज्य सरकार ने छात्रों को नकद पैसा देने की योजना पर काम प्रारंभ कर दिया है।

शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों से बच्चों का बैंक खाता 31 मार्च के पहले हर हाल में खुलवाने के निर्देश दिए हैं। पुस्तक छपाई में खर्च के हिसाब से बच्चों के खाते में किताब खरीद के लिए राशि दी जाएगी। बच्चों और अभिभावकों को आजादी रहेगी कि वे बाजार से पुस्तक खरीद सकेंगे। शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को यह दायित्व सौंपा है कि वे सुनिश्चित करें कि बच्चे समय पर पुस्तकों की खरीद कर लें।

Posted By: Ravi Ranjan