पटना, जेएनएन। केंद्रीय कारा बेउर से कैदी वैन में कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को बाहुबली मोकामा विधायक अनंत सिंह को पेशी के लिए फिर सिविल कोर्ट लाया गया। पटना सिविल कोर्ट में एसीजीएम प्रथम की अदालत में अनंत की बेउर और पंडारक थाने में दर्ज कांड में पेशी हुई।

बेउर में दर्ज कांड में उनके अलावा पूर्व सांसद विजय कृष्ण, एमएलसी रीतलाल यादव, सर्वेश उर्फ डब्लू व अविनाश भी आरोपित हैं। यह मामला उस वक्त का है, जब 2015 में अनंत सिंह बेउर जेल में बंद थे। छापेमारी में उनके वार्ड से आपत्तिजनक सामान बरामद हुए थे।

वहीं पंडारक थाने में दर्ज कांड में अनंत सिंह पर पंडारक निवासी कुख्यात भोला सिंह और उसके भाई मुकेश की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इस कांड में अगली सुनवाई 14 नवंबर को होनी है।  

वकीलों के कार्य बहिष्कार से नहीं हुआ आरोप का गठन

बेउर केस में आज अनंत सिंह पर आरोप का गठन होना था, मगर दिल्ली में हुए वकील-पुलिस विवाद को लेकर यहां वकीलों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। इस कारण आरोप का गठन नहीं हो पाया। इस मामले में 13 नवंबर को सुनवाई होगा। ऐसे में फिर चार-पांच दिन बाद अनंत सिंह को पेशी के लिए भागलपुर से पटना लाया जाएगा। दोनों कांड में पेशी के बाद विधायक को कैदी वैन से भागलपुर जेल भेज दिया गया। 

अनंत बोले-डरती है सरकार

कोर्ट में पेशी के लिए जाने के दौरान अनंत सिंह ने पत्रकारों से कहा कि सरकार उनसे डरती है। यही वजह है आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें बेउर जेल से भागलपुर भेज दिया गया। विधायक ने इस पूरे प्रकरण में एक सांसद और एक पुलिस अधिकारी पर साजिशन फंसाने का आरोप लगाया। पेशी के दौरान उनके समर्थक कोर्ट परिसर के बाहर और अंदर मौजूद थे। 

गौरतलब है कि अनंत सिंह को भागलपुर जेल से पटना सिविल कोर्ट में पेशी के लिए गुरुवार को लाया गया था। गुरुवार को उन्हें बेउर जेल में  रखा गया था। 

Posted By: Kajal Kumari

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