जागरण संवाददाता, पटना। Patna News: रिटायर्ड डीआइजी विनोद कुमार चौधरी और पूर्व एमवीआइ गिरिश कुमार के घर से चोरी गए गहने बरामद हो गए हैं। ये गहने पटना सिटी में सोनी नाम की एक लड़की के घर पर छिपाकर रखे गए थे। बुद्धा कालोनी थाने की पुलिस के हत्थे चढ़े शातिर चोर विकास की निशानदेही पर ये गहने बरामद किए गए। बताया जा रहा है कि सोनी, विकास की गर्ल फ्रेंड है।

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 भाई और पिता लगाते थे चोरी के जेवरात को ठिकाने 

सोनी के भाई रोहित और पिता सुरेश दास जेवरात को ठिकाने लगाने का काम करते थे। वहां से पुलिस को गिरिश की चोरी गई रिवाल्वर, दस कारतूस और वारदातों में प्रयुक्त दो बाइक भी मिली। इसके अलावा एक लाख 12 हजार नकदी भी बरामद हुई। पुलिस ने सोनी, रोहित और सुरेश को भी गिरफ्तार कर लिया। विकास ने खगौल, दानापुर, रूपसपुर, एसके पुरी, बुद्धा कालोनी, शास्त्री नगर थाना क्षेत्रों में 40 घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की है। वह मूलरूप से पालीगंज थानांतर्गत रानीपुर का रहने वाला है। इसकी जानकारी शुक्रवार को सिटी एसपी अम्बरीश राहुल ने दी।

छापेमारी के बाद दंग रह गए धीरज

सुरेश बेटे और बेटी के साथ मेंहदीगंज थाना क्षेत्र के नून का चौराहा लोहा पुल के समीप धीरज यादव के मकान में तीन वर्षों से किराये पर रह रहा था। पुलिस ने जब सुरेश के फ्लैट से एक किलो एक सौ ग्राम सोने के जेवरात, एक किलो चांदी के आभूषण, नकदी बरामद की तो धीरज भी दंग रह गए। उन्होंने बताया कि सुरेश ने तीन महीने से किराया नहीं दिया है। वह दिखावे के लिए आटो चलाता था। पूछने पर हमेशा कहता कि आटो की किस्त भी भरी नहीं जा रही।

पौने दो लाख रुपए की बाइकी खरीदी थी 

छानबीन में मालूम हुआ कि उसके घर पर खड़ी आर-15 बाइक को विकास ने 14 मई को एकमुश्त एक लाख 82 हजार कैश देकर खरीदी थी। इसी बाइक पर वह दो साथियों के साथ लगातार चोरी की घटनाएं कर रहा था। करीब एक सप्ताह पहले जब उसे भनक लगी कि दानापुर अनुमंडल की पुलिस उसके पीछे पड़ी है, तब उसने ब्लू रंग की बाइक पर काले रंग की फिल्म चढ़ा दी। विकास के दो अन्य साथियों की तलाश जारी है।

पाटलिपुत्र थाने की खिड़की काटकर भाग गया था विकास

वर्ष 2019 में पाटलिपुत्र थाने की पुलिस ने चोरी की एक घटना के बाद विकास को गिरफ्तार किया था। उस थाना भवन की पहली मंजिल के कमरे में रखा गया था। वह खिड़की की ग्रिल काटकर भाग निकला था। सिटी एसपी ने बताया कि विकास और उसके साथी वैसे अपार्टमेंट को निशाना बनाते हैं, जहां गार्ड न हो। अगर गार्ड रहता भी है तो इलाका सुनसान होना चाहिए।

घर खाली छोड़ें तो पुलिस को दें जानकारी 

अच्छी तरह रेकी करने के बाद वे भवन में घुसते हैं और जिस फ्लैट में ताला लगा रहता है, उसे कटर से काटकर वारदात को अंजाम देते हैं। सिटी एसपी ने लोगों से अपील की कि वे घर खाली छोडऩे से पहले अपार्टमेंट के गार्ड, बगल के फ्लैट में रहने वाले लोग या सोसाइटी के पदाधिकारी अथवा स्थानीय थाने को सूचित कर दें, ताकि वे सजग रहें। लोगों की सतर्कता से ही पुलिस चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में सफल हो पाएगी।

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जहां मिलता था माल, वहां करता था शौच

विकास को जिस फ्लैट से मोटी रकम या अधिक जेवरात मिलते थे, वहां से निकलने से पहले वह कमरे में शौच कर देता था। 17 सितंबर की रात बुद्धा कालोनी थाना क्षेत्र की नागेश्वर कालोनी स्थित वासुदेव विहार अपार्टमेंट के दो फ्लैटों (202 व 305) को निशाना बनाया था। फ्लैट संख्या 202 गिरिश कुमार का है। यहां से उसे 50 लाख से अधिक के जेवरात, कैश और रिवाल्वर मिली थी, इसलिए विकास ने कमरे में शौच कर दिया था। वहीं, रिटायर्ड डीआइजी के फ्लैट संख्या 305 से पहले वाले के अनुपात में कम सामान मिले, इसलिए वहां उसने शौच नहीं किया।

कैलेंडर को प्रमाण कर निकलता था घर से 

विकास की गिरफ्तारी के बाद गिरिश कुमार का परिवार और रिटायर्ड डीआइजी व उनकी पत्नी कुसुमलता पुलिस से जानकारी लेने पहुंची थीं। पुलिस को सोनी के घर से पुराने सिक्कों और नोटों से बना एक कैलेंडर भी मिला, जिसे विकास ने खुद बनाया था। पूछने पर उसने बताया कि यह कैलेंडर उसके लिए शुभ है। वारदात के लिए निकलने से पहले वह कैलेंडर को प्रणाम करता और सफलता मिलने के घटनास्थल पर शौच कर देता था। 

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Edited By: Shubh Narayan Pathak