पटना । जीपीओ गोलंबर के समीप कब्जे में लेकर सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई किशोरी का मंगलवार को कोर्ट में बयान दर्ज कराया जाएगा। उसकी मेडिकल जांच की प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल वह पुलिस की सुरक्षा में है। उसे महिला विकास निगम द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। वहीं, मौके से भागने में कामयाब रहे मोनू और बबुआ की तलाश में छापेमारी चल रही है।

मालूम हो कि शनिवार की देर रात कोतवाली थाने की पुलिस ने चार युवकों की चंगुल से 17 वर्षीय नाबालिग को मुक्त कराया था। हालांकि पुलिस के आने से पहले तीन युवकों ने उसकी अस्मत लूट ली थी। मौके से फेकन और छोटू को गिरफ्तार किया गया था, जबकि मोनू और बबुआ फरार हो चुके थे। किशोरी ने बताया कि वह फतुहा के लिए ट्रेन पकड़ने जा रही थी, तभी जीपीओ गोलंबर से सब्जी मंडी की तरफ जाने वाली गली में युवकों ने उसे दबोच लिया और झोपड़ी में लेकर चले गए। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। वह शोर मचा रही थी। घटनास्थल की तरफ से गुजर रही पुलिस जीप में सवार जवानों को उसकी आवाज सुनाई दी। तब मामले का खुलासा हुआ। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए जोनल आइजी नैय्यर हसनैन खान के निर्देश पर विशेष टीम गठित की है। पुलिस ने मोनू और बबुआ के परिजनों को हिरासत में लिया है। उनके ठिकानों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

Posted By: Jagran