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स्पाइसजेट को भारी पड़ा 'मौसम' का झूठा बहाना, कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने पर लगा 85 हजार का जुर्माना

Published: Wed, 09 Sep 2026 08:00 PM (IST)

स्पाइसजेट को पटना उपभोक्ता आयोग ने उड़ान में देरी और कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने पर यात्री को ₹85,816 का हर्जाना देने ...और पढ़ें

स्पाइसजेट को उड़ान देरी और कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने पर देना होगा भारी हर्जाना (AI Generated Image)

स्पाइसजेट को उड़ान देरी और कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने पर देना होगा भारी हर्जाना (AI Generated Image)

HighLights

  1. स्पाइसजेट को ₹85,816 का हर्जाना देने का आदेश।

  2. उड़ान में देरी से कनेक्टिंग फ्लाइट छूटी, वैकल्पिक व्यवस्था नहीं।

  3. पटना उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी मानी।

जागरण संवाददाता, पटना। उड़ान में बार-बार देरी से कनेक्टिंग फ्लाइट छूटना और यात्री के बार-बार आग्रह पर भी वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था नहीं करना स्पाइसजेट को महंगा पड़ गया। पटना जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने विमानन कंपनी की सेवा में कमी मानते हुए यात्री को 85,816 रुपये देने का आदेश दिया है।

इसमें यात्रा के दौरान हुए वास्तविक खर्च 15,816 रुपये की भरपाई, 50 हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न व 20 हजार मुकदमा खर्च शामिल है। वास्तविक खर्च राशि पर शिकायत की तारीख 19 अप्रैल 2021 से 12 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। तीन माह में आदेश का पालन नहीं करने पर ब्याज की दर 15 प्रतिशत वार्षिक हो जाएगी।

मामला वरिष्ठ नागरिक दिलीप कुमार अग्रवाल की वर्ष 2021 में दाखिल शिकायत का है। उन्होंने 16 जनवरी 2021 को पटना से मुंबई होते हुए मंगलुरु जाने के लिए परिवार के तीन सदस्यों के टिकट करीब 18,697 रुपये में बुक कराए थे।

पटना से मुंबई की उड़ान में बार-बार देरी के कारण, मुंबई से मंगलुरु जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई। एयरलाइन की ओर से उनके लिए कोई वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था नहीं की गई। बेटे की मेडिकल काउंसिलिंग में शामिल होने के लिए यात्री को मजबूरी में दूसरी एयरलाइन का नया टिकट अपने पैसे से खरीदना पड़ा।

मौसम का बहाना पर प्रमाण नहीं दे सकी कंपनी:

स्पाइसजेट ने आयोग को बताया कि उड़ान में देरी का कारण दिल्ली में खराब मौसम था। मौसम जैसी असाधारण परिस्थितियों में एयरलाइन पर मुआवजे की जिम्मेदारी नहीं बनती।

हालांकि, कंपनी यह साबित करने के लिए कोई आधिकारिक पत्र पेश नहीं कर सकी कि संबंधित उड़ान खराब मौसम के कारण ही विलंबित हुई थी। आयोग ने यह भी माना कि लंबे इंतजार के दौरान यात्री को भोजन या जलपान भी उपलब्ध नहीं कराया गया।

टिकट से लेकर होटल-ट्रांसपोर्ट तक का खर्च:

आयोग के समक्ष यात्री ने होटल, परिवहन, दूसरी एयरलाइन के टिकट और मंगलुरु में पहले से बुक होटल की राशि के नुकसान के दस्तावेज पेश किए। आयोग ने इन खर्चों को एयरलाइन की सेवा में कमी से जुड़ा माना।

कुल 20,205 रुपये के इन खर्चों में पहले लौटाए गए 4,389 रुपये घटाकर 15,816 रुपये की भरपाई का आदेश दिया गया। आयोग ने मानसिक पीड़ा के लिए मांगे गए तीन लाख रुपये के दावे को अधिक मानते हुए 50 हजार रुपये निर्धारित किया।