पटना । मालसलामी थाना क्षेत्र में चार अक्टूबर को कारोबारी राजा बाबू से 35 लाख की रंगदारी बेउर जेल से मांगी गई थी। बेउर जेल में बंद सोनू और सिकंदर ने मोबाइल पर फोन कर रंगदारी मांगी थी। डराने के लिए सोनू ने अपने गुर्गो को फोन कर उसके घर के सामने बम फोड़ने का फरमान दिया था। शनिवार को इस मामले में पुलिस ने सोनू और सिकंदर के छह गुर्गो संतोष उर्फ विजेंद्र (मालसलामी), विनय पासवान (औरंगाबाद), गुलशन कुमार (बाईपास), जुगनू कुमार (चौक), गुड्डू (औरंगाबाद) और सिकंदर पासवान (औरंगाबाद) को गिरफ्तार किया है।

पांच दिन बाद एलआइसी एजेंट से मांगी थी रंगदारी

एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि रंगदारी मांगने के बाद कई लोगों से पूछताछ हुई। जेल में बंद सोनू और सिकंदर से भी पूछताछ की गई। इसके बाद उसके गुर्गो का नाम सामने आया। कई संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर लिया गया था। इनमें दो नंबर बंद मिल रहे थे। कारोबारी से रंगदारी मांगने के पांच दिन बाद ही बंद एक नंबर ऑन हुआ और उस नंबर से एलआइसी एजेंट से पांच लाख की रंगदारी मांगी गई। पता चला कि जेल में बंद सोनू और सिकंदर ने ही रंगदारी मांगी थी। इसके बाद पुलिस जेल के बाहर सिकंदर और सोनू से मिलने आने-जाने वालों पर नजर रखने लगी। उनकी तस्वीर ली गई। फिर कारोबारी के घर के बाहर बम फोड़ने वालों के चेहरे का मिलान कराया गया। पता चला कि बम फोड़ने वालों में संतोष, सिकंदर पासवान, गुलशन और गुड्डू थे। पुलिस ने इन चारों को औरंगाबाद से गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर विजय पासवान, जुगनू भी दबोचे गए। इनके पास से देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस और लूट की एक बाइक बरामद हुई।

बम बनाने का एक्सपर्ट है सिकंदर और गुड्डू

पुलिस ने सिकंदर को औरंगाबाद के खुदवा थाना क्षेत्र स्थित उसके घर से दबोचा। तलाशी के दौरान उसके घर से पांच जिंदा बम मिले और बम बनाने के सामान भी बरामद किए गए। पूछताछ में पता चला कि सिकंदर बम बनाने का एक्सपर्ट है। गुड्डू ने पुलिस को बताया कि दशहरा के मौके पर मालसलामी थाना क्षेत्र में किसी बड़े कारोबारी की दुकान में बम फोड़ने की तैयारी थी। पुलिस इनके नक्सली कनेक्शन का भी पता कर रही है।

Posted By: Jagran