पटना [काजल]। बीते सप्‍ताह बिहार में योग दिवस की धूम रही। इस दौरान भी सियासत थमती नहीं दिखी। बिहार में बढ़ते अपराध पर भी राजनीतिक बयानों का दौर चलता रहा। उधर, घोटालों के लिए बदनाम बिहार बोर्ड में मैट्रिक परीक्षा की कापियां गायब होने का मामला गरमाता दिखा।

योग पर खूब हुई सियासत

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर बिहार में भी आम और खास लोगों ने एक साथ मिलकर योगाभ्यास किया और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब शेयर की गईं। कुछ लोगों ने पार्क और खुली जगहों पर योग किया तो कुछ ने अपने घर में और छत पर ही इसका अभ्यास किया। इसमें बच्चे-बड़े सभी शामिल हुए, क्योंकि सेल्फी लेकर शेयर करने में कोई भी पीछे नहीं रहना चाहता था। सेलिब्रिटीज ने भी इस मौके पर अपनी तस्वीरें और वीडियोज खूब शेयर कीं।

बिहार में योग के बहाने खूब सियासत भी हुई। योग के आयोजन में राजग के घटक दल शामिल हुए लेकिन जदयू ने इससे किनारा कर लिया। इसे लेकर विपक्ष ने जहां तंज कसा तो वहीं भाजपा ने यह कहकर सफाई दी कि सबकी अपनी मर्जी होती है।

योग के इस कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए कई केंद्रीय मंत्री बिहार पहुंचे और कहा कि इसमें सबको शामिल होना चाहिए लेकिन जदयू ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि हमलोग योग घर में ही करते हैं इसका प्रकटीकरण करने की जरूरत नहीं है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर बयानों के तीर खूब चले।

फिर घाेटाला से घिरा बिहार बोर्ड

बिहार बोर्ड के मैट्रिक की परीक्षा का रिजल्ट प्रकाशित होने के ठीक एक दिन पहले पता चला कि 42000 कॉपियां गोपालगंज के एक स्कूल से गायब हो गईं हैं। रिजल्ट का इंतजार कर रहे छात्रों का इंतजार जहां और लंबा हो गया तो वहीं सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, फेल है सुशील मोदी-नीतीश कुमार, टोटल फेल्‍योर है बिहार सरकार। इस ट्वीट के साथ ही तेजस्वी ने एक कार्टून भी शेयर किया जिसपर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि आपके साथ नीतीश थे तो बेस्ट और दूसरों के साथ जाते ही हो गए वर्स्‍ट, ऐसा कैसे?

इस मामले पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और राज्य सरकार से जवाब मांगा तो अगले ही दिन पता चला कि कॉपियां स्कूल से कबाड़ी वाले को 8500 रुपये में बेच दी गईं। बोर्ड की लापरवाही सामने आई और यह खबर सोशल मीडिया पर छाई हुई है। इस पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं।

बढ़ते अपराध पर राजनीति

तेजस्वी ने बिहार में बढ़ रहे अपराध और भष्टाचार को लेकर राज्य सरकार पर तंज कसा और ट्वीट में लिखा- लहूलुहान हुआ बिहार, शिकारी है सरकार। इसके साथ ही उन्होंने बड़े पैमाने पर हो रही ट्रांसफर-पोस्टिंग पर भी तंज कसा और लिखा कि सब जान रहे हैं कि कब पलटीमार पलटी मार जाएंगे इसीलिए बड़े पैमाने पर लूट मची हुई है। इसके साथ ही उन्होंने एक कार्टून भी शेयर किया। इसपर जदयू नेता नीरज कुमार ने रिट्वीट करते हुए जवाब दिया कि तेजस्वी जी आप भी तो नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में कभी उपमुख्यमंत्री सहित कई विभागों के मंत्री हुआ करते थे तो आपने भी ट्रांसफर पोस्टिंग में खूब पैसा बनाया होगा।

तेजस्वी ने अपने अगले ट्वीट में लिखा कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के धृतराष्ट्र बने हुए हैं।  इस ट्वीट पर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्वीट कर जवाब दिया कि दूसरों को भ्रष्टाचार का धृतराष्ट्र कहने से पहले बताना चाहिए कि लालू परिवार में किस धृतराष्ट्र के कारण करोड़ों की बेनामी संपत्ति बनाने का काम किया गया।

और अंत में...

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