पटना, जेएनएन। 2000 रुपये के नोट बाजार के साथ बैंकों में भी कम दिखाई दे रहे हैं। किल्लत नहीं है, पर उपलब्धता पर्याप्त नहीं है, जिसकी वजह से धीरे-धीरे दो हजार के नोट बाजार से गायब हो रहे हैं। वजह ये है कि बैंकों को डिमांड के अनुरूप करेंसी चेस्ट से आपूर्ति तो नहीं ही हो रही है, जिसके पास ये नोट पहुंच रहे हैं, वहीं ठहर जा रहे हैं।

बता दें कि इस दोहरी मार तक ही बात सीमित नहीं है, फिलहाल भारतीय रिजर्व बैंक 2000 रुपये के नोटों की छपाई भी नहीं कर रहा है। जाहिर है, लोगों को थोड़ी मुश्किल तो आएगी ही। बिहार में एटीएम से भी 2000 रुपये के नोट कम मिल रहे हैं।

बैंकों को आपूर्ति कम

बैंकों को करेंसी चेस्ट से 2000 रुपये के नोटों की आपूर्ति 40 से 50 फीसद कम हो रही है। शाखा प्रबंधकों का कहना है कि इससे ग्राहकों को परेशानी हो रही है। बैंकों पर दबाव भी बढ़ रहा है। 2000 रुपये की जगह छोटे नोट का लेनदेन मुश्किल होता है। इससे काम का दबाव बढ़ता है।

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के वरीय उपाध्यक्ष डॉ. कुमार अरविंद ने कहा कि 2000 रुपये के नोटों की छपाई कम हो रही है, इसलिए उपलब्धता कम है। सरकार का मानना है कि इस नोट को बड़े लेनेदेन वाले दबा रहे हैं, और यह काला धन हो रहा है। हमारा कहना है कि यह बात पहले सोच लेनी चाहिए थी। 

बिहार प्रोविंसियल बैंक इम्पलाईज एसोसिएशन के उप महासचिव संजय तिवारी ने कहा कि बड़े लेनदेन में 2000 रुपये के नोट ही काम आते हैं। बड़ी राशि भी रखने में आसानी होती है, इसलिए 2000 रुपये के नोट जो सर्कुलेशन में हैं, वे कहीं न कहीं दबते जा रहे हैं।

उप महासचिव ने कहा कि इससे उपलब्धता कम होगी। छपाई नहीं होने का भी असर होगा। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में 2000 रुपये के नोटों की बैंकों, एटीएम में उपलब्धता और कम हो सकती है। 

Posted By: Kajal Kumari

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप