पटना, जेएनएन। केंद्र की मोदी सरकार में शामिल शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत के इस्तीफे के साथ ही शिवसेना और बीजेपी की 30 साल पुरानी दोस्ती खत्म हो गई है। इस मामले पर जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल पूछा गया तो उन्होंने दो टूक कहा कि ये तो उनलोगों की बात है ! इस सबसे हमको क्या? 

अरविंद सावंत ने ट्विटर पर अपने इस्तीफे की जानकारी दी और कहा कि शिवसेना का पक्ष सच्चा है, जो झूठे माहौल के साथ नहीं रहा सकता है।

अरविंद सावंत के इस्तीफे के ऐलान के साथ ही तय हो गया है कि शिवसेना एनडीए से बाहर हो गई है। शिवसेना और बीजेपी की दोस्ती 30 साल पुरानी थी। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस और एनसीपी ने भी सोमवार को बैठक बुलाई है। इस बैठक के बाद ही तय हो पाएगा कि क्या कांग्रेस और एनसीपी शिवसेना को अपना समर्थन देगी या नहीं। 

बता दें कि महाराष्ट्र के राज्यपाल ने बीजेपी द्वारा सरकार न बनाने की बात कहने के बाद शिवसेना को सरकार बनाने का न्योता दिया है और चर्चा है कि आज शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात करेंगे।

इससे पहले एनसीपी ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने से पहले शिवसेना के सामने एनडीए से अलग होने की शर्त रखी थी। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा था कि अगर शिवसेना को हमारे साथ मिलकर सरकार बनाना है तो उन्हें पहले मोदी सरकार से नाता तोड़ना होगा।

बता दें कि बीजेपी और शिवसेना बीते 25 वर्षों से ज्यादा समय तक गठबंधन का हिस्सा रहे हैं और महाराष्ट्र में मौजूदा हालात की वजह से इनका गठबंधन टूटने की कगार पर है। 

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