style="text-align: justify;"> पटना [जेएनएन]। जदयू के बागी शरद यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्‍होंने कहा कि आज लोकतंत्र खतरें में पड़ गया है। अल्‍पसंख्‍यकों पर हमले हो रहे हैं तथा लव जिहाद के नाम पर समुदायों में कटुता पैदा की जा रही है। गाय के नाम पर हत्‍याएं हो रही हैं। शरद के बयान की जदयू ने आलोचना की है।
शरद यादव ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने भाजपा से हाथ मिलाकर जनादेश का अपमान किया है। विपक्षी एकता की पहल कर रहे शरद को कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी में भविष्‍य के महागठबंधन का नेता नजर आ रहा है। शरद यादव ने कहा कि राहुल गांधी भविष्‍य के महागठबंधन का नेतृत्व कर सकते हैं।
शरद यादव ने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इस अघोषित और चार दशक पूर्व के आपातकाल में केवल यही अंतर है कि तब घोषित आपातकाल था। शरद ने कहा कि देश के धर्मनिरपेक्ष स्‍वरूप पर आघात पहुंचाया जा रहा है। संविधान को कमजोर करने की कोशिश जारी है। लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में पड़ गईं हैं।
शरद ने कहा कि देश में अल्पसंख्यकों पर खतरा पैदा हो गया है। गाय के नाम पर हत्याएं की जा रहीं हैं तो लव जिहाद के नाम पर समुदायों में कटुता पैदा की जारी है।
राज्‍यसभा सीट के लिए बेचैन हैं शरद
शरद के लगातार हमलावर रूख पर जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने तंज कसा कि शरद यादव राज्यसभा सीट के लिए बेचैन हैं। इसके लिए वे लालू प्रसाद यादव से रांची जेल में भी मिले।
भ्रष्‍टाचार से नहीं कर सकते थे समझौता: नीतीश
सीएम नीतीश कुमार ने भी बीते दिन महागठबंघन सरकार की बाबत कहा था कि वे जानते थे कि वह सरकार अधिक दिनों तक नहीं चलेगी। फिर भी 20 महीने तक यह सरकार चलाई। भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं किया जा सकता था।
विदित हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जुलाई 2017 में भ्रष्‍टाचार को मुद्दा बनाकर महागठबंधन के मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया था। इसके साथ जदयू महागठबंधन से अलग हो गया था। तब पार्टी के पूर्व उपाध्‍यक्ष शरद यादव महागठबंधन के समर्थन में खड़े हो गए थे। उन्‍होंने जदयू के भाजपा के साथ नई सरकार बनाने का विरोध किया था।

By Amit Alok